अगर पोर्ट करने जा रहे हैं हेल्थ इंश्योरेंस, तो इन बातों पर जरूर गौर करें

Saroj kanwar
3 Min Read

आज के समय में हेल्थ इंश्योरेंस कराना बेहद जरूरी है, क्योंकि आने वाले समय में इलाज के भारी-भरकम खर्चों में यही मदद करता है। पर कई बार ऐसा होता है कि मौजूदा पॉलिसी आपके लिए पूरी तरह सही नहीं होती है। इसे देखते हुए अपनी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को दूसरी बीमा कंपनी में पोर्ट कर दिया है तो आपको ध्यान देना होगा, क्योकि इससे आपको नुकसान हो सकता है।

हेल्थ इंश्योरेंस पोर्ट करने का क्या मतलब है?

मौजूदा पॉलिसी को किसी दूसरी बीमा कंपनी में ट्रांसफर कर लिया है। नई पॉलिसी में मौजूदा पॉलिसी में कुछ सेवाएं और वोटिंग पीरियड के फायदे मिल सकते हैं। हालांकि इसमें कई तरह की मुश्किलें आती हैं।

डॉक्युमेंट और टाइमिंग की मुश्किल

पॉलिसी को पोर्ट करने के लिए मौजूदा पॉलिसी की जानकारी, क्लेम हिस्ट्री और मेडिकल डिक्लेरेशन आदि डॉक्यूमेंट देने होते हैं। बता दें कि पोर्ट करने की रिक्वेस्ट पॉलिसी के रिन्यूअल से कम से कम 45 दिन पहले और 60 दिन से पहले देनी चाहिए। अगर इस समय में नहीं किया तो रिक्वेस्ट को रिजेक्ट किया जा सकता है।

प्रीमियम को लेकर परेशानी

जब पॉलिसी पोर्ट कराते हैं तो पुरानी पॉलिसी के जैसे लॉयल्टी डिस्काउंट या खास कवरेज जैसे घर पर इलाज की सर्विस नई पॉलिसी में ट्रांसफर नहीं  होते हैं।

दोबारा शुरू हो सकता है वेटिंग पीरियड

नियमों के अनुसार पुरानी वेटिंग पीरियड की क्रेडिट दी जाती है, लेकिन कुछ बीमा कंपनियां नई बिमारियों के लिए दोबारा वोटिंग पीरियड लागू कर सकती हैं। ऐसे में पॉलिसी के नियमों से अच्छे से पढ़ लें।पोर्ट करने की रिक्वेस्ट हो सकती है रिजेक्शन

नई बीमा कंपनी ग्राहक के मेडिकल हिस्ट्री को देखकर पॉलिसी देगी या नहीं ये तय करती है। वहीं बुजुर्ग या गंभीर बीमारी वाले ग्राहकों को ज्यादा प्रीमियम भरना पड़ सकता है। साथ ही पोर्टिंग की रिक्वेस्ट रिजेक्ट की जा सकती है।

कवरेज का खतरा

सभी पॉलिसी एक तरह की नहीं होती हैं। मतलब अगर किसी ग्राहक ने कोरोना से पहले  3 लाख रुपये की बेसिक पॉलिसी ले रखी थी तो ऐसे में ज्यादा कवरेज की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए नई पॉलिसी के साथ टॉप-अप या सुपर टॉप-अप प्लान जोड़ देना चाहिए, जिससे कम कीमत में अधिक सुरक्षा मिलती है।

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *