House and Shops Rule :UP में बदले घर- मकान और दुकान बनाने के नियम! योगी सरकार का बड़ा फैसला 

Saroj kanwar
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House and Shops Rule: उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में भवन निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। इन बदलावों का उद्देश्य राज्य के नागरिकों को अधिक सहजता और सुविधा प्रदान करना है। अब लोग अपने छोटे प्लॉट्स पर बिना नक्शा पास करवाए निर्माण कार्य कर सकेंगे, जिससे लोगों की परेशानियां कम होंगी और प्राधिकरणों में होने वाली जटिलताओं से राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस अहम फैसले को मंजूरी दी गई है। खास बात यह है कि अब आवासीय प्लॉट्स पर लोग मकान के साथ-साथ दुकान और कार्यालय भी बना पाएंगे। यह फैसला खासकर शहरों में रहने वाले व्यक्तियों के लिए बहुत बड़ी राहत है, क्योंकि यह उनके जीवन में कई तरह की संभावनाओं के दरवाजे खोलता है।

नए नियमों में आवासीय और व्यावसायिक प्लॉट पर निर्माण

सरकार ने नए नियमों के अनुसार यह स्पष्ट किया है कि अब 100 वर्ग मीटर तक के आवासीय और 30 वर्ग मीटर तक के व्यावसायिक प्लॉट पर निर्माण के लिए नक्शा पास करवाना अनिवार्य नहीं होगा। इससे पहले लोग नक्शा पास कराने की लंबी प्रक्रिया के कारण समय और धन दोनों खर्च करते थे। अब यह प्रक्रिया खत्म होने से आम लोगों को आसानी होगी।

हालांकि, प्लॉट के मालिक को केवल विकास प्राधिकरण में रजिस्ट्रेशन कराना होगा। यह एक साधारण औपचारिकता होगी जो नक्शा पास कराने के झंझट से काफी आसान है। इस बदलाव से छोटे प्लॉट मालिकों को सीधी सुविधा मिलेगी और साथ ही उन्हें अतिरिक्त खर्चों से भी मुक्ति मिलेगी।

आवासीय प्लॉट पर दुकान और कार्यालय बनाने की सुविधा

नए नियमों के तहत नागरिक अब अपने आवासीय प्लॉट पर केवल मकान ही नहीं, बल्कि दुकान और कार्यालय भी बना सकेंगे। यह उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है जो घर से ही व्यवसाय करना चाहते हैं या फिर छोटे स्तर पर कोई दुकान खोलना चाहते हैं। यह बदलाव शहरी विकास में नई दिशा देगा।

यदि कोई व्यक्ति मुख्य सड़क से जुड़ा हुआ आवासीय प्लॉट रखता है, तो वह जगह अब व्यापारिक उपयोग के लिए भी मान्य होगी। इससे स्थानीय स्तर पर व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को अपने घर से ही रोजगार के अवसर मिल पाएंगे। यह कदम राज्य की आर्थिक प्रगति के लिए भी सकारात्मक सिद्ध होगा।

उच्च घनत्व और कम घनत्व वाले शहरों के लिए बदलाव

योगी सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि बड़े और भीड़-भाड़ वाले शहरों में 24 मीटर चौड़ी सड़क और छोटे शहरों में 18 मीटर चौड़ी सड़क पर बने आवासीय प्लॉट पर दुकान और कार्यालय बनाए जा सकेंगे। इसका लाभ खासकर उन लोगों को मिलेगा जिनकी जमीन मुख्य सड़कों से जुड़ी होती है।

इस सुधार से न केवल शहरों की बस्ती का विकास होगा, बल्कि छोटे शहरों और कस्बों में भी रोजगार और व्यापार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही सड़क से जुड़ी जमीनों का उपयोग अधिक व्यावहारिक और संपत्ति मूल्यवर्धन के लिए बेहतर विकल्प होगा।

फ्लोर एरिया रेशो की लिमिट हटाई गई

सरकार ने भवन निर्माण के लिए फ्लोर एरिया रेशो यानी FAR पर भी बड़ा फैसला लिया है। अब 45 मीटर चौड़ी सड़कों पर बहुमंजिला इमारत बनाने के लिए कोई सीमा तय नहीं होगी। यह निर्णय बड़े बिल्डरों और निवेशकों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है, क्योंकि वे अब अधिक ऊंची इमारत बना सकेंगे।

इसके साथ ही छोटे प्लॉट्स पर भी FAR में बढ़ोतरी की गई है। इसका सीधा मतलब यह हुआ कि छोटे प्लॉट पर भी अधिक फ्लोर बनाकर शहरी क्षेत्रों में रहने की जगह बढ़ाई जा सकेगी। यह कदम राज्य में तेजी से बढ़ती शहरी आबादी के दबाव को कम करने की दिशा में मददगार साबित होगा।

3000 वर्ग मीटर से बड़े प्लॉट के लिए नई सुविधाएं

सरकार ने यह भी व्यवस्था की है कि जिन लोगों के पास 3000 वर्ग मीटर से अधिक का भूखंड है, वे उसका उपयोग अस्पताल, शॉपिंग मॉल या अन्य बड़े व्यावसायिक भवन बनाने के लिए कर सकेंगे। इस फैसले से नई परियोजनाओं पर निवेश बढ़ेगा और स्वास्थ्य तथा व्यापारिक संरचना का विकास होगा।

यह बदलाव खासकर बड़े उद्यमियों और रियल एस्टेट डेवलपर्स के लिए फायदे का सौदा साबित होगा। इससे राज्य में आधुनिक बाजार, मल्टीप्लेक्स और व्यावसायिक अस्पतालों का विस्तार आसानी से संभव हो पाएगा। साथ ही यह आम जनता के लिए रोज़गार और सेवाओं के नए अवसर भी तैयार करेगा।

नक्शा पास प्रक्रिया से राहत और पारदर्शिता

पहले के नियमों में नक्शा पास कराने के लिए लंबा समय, कई विभागों से अनुमति और भारी फीस देनी पड़ती थी। अब नए नियम लागू होने के बाद छोटे प्लॉट्स पर निर्माण करना सरल हो गया है। इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि अब लोगों को फिजूलखर्ची और अनावश्यक देरी से छुटकारा मिल जाएगा।

इसके अलावा नक्शा पास के नाम पर होने वाली वसूली और बिचौलियों के दबाव से भी लोग बचेंगे। सरकार का यह कदम एक पारदर्शी व्यवस्था की ओर संकेत करता है, जिसमें आमजन को सीधे लाभ मिलेगा। इस तरह यह बदलाव राज्य में ईमानदारी और प्रणाली में सुधार की दिशा में अहम योगदान देगा।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न आधिकारिक घोषणाओं और स्रोतों पर आधारित है। निर्माण से जुड़े किसी भी कार्य के लिए पाठक संबंधित विभाग से जांच और पुष्टि अवश्य कर लें।

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