प्रदेश में मानसून की सक्रियता के चलते पिछले 24 घंटे में कई जिलों में बरसात हुई है। प्रदेशभर में औसतन 9.1 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई है। अब तक मानसून सीजन में प्रदेश में 171.7 मिलीमीटर बरसात हो चुकी है, जो सामान्य बरसात से 39% ज्यादा है। एक से 15 जुलाई तक 87.8 मिलीमीटर बरसात हुई है, जो सामान्य बरसात 28 फीसदी कम है। पिछले 24 घंटे में उत्तर में कम, दक्षिण, पश्चिम के जिलों में ज्यादा बरसात हुई है। मौसम विभाग का कहना है कि 17 और 21 जुलाई को प्रदेश के कुछ इलाकों में तेज बरसात हो सकती है। हालांकि 7 दिनों में प्रदेश में रूक-रूक कर बरसात का सिलसिला जारी रह सकता है। मानसून सीजन का डेढ़ माह बीत चुका है, इसमें सामान्य से ज्यादा बरसात हो चुकी है। प्रदेश में
रात के तापमान में औसतन 0.1 डिग्री की कमी आई है। नारनौल में सबसे कम 22 डिग्री तापमान रहा, यहां 2.8 डिग्री तक पारा कम हुआ है। पलवल में सबसे अधिक 27.1 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है।
एचएयू के मौसम विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार मानसून टर्फ की उत्तरी सीमा बीकानेर, ग्वालियर, प्रयागराज, डाल्टागंज, दीघा से होता हुआ उत्तरपूर्व बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। जिससे बंगाल की खाड़ी की तरफ से मानसूनी हवाएं राज्य की तरफ लगातार आने की संभावना व राजस्थान के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने से हरियाणा में मानसून की सक्रियता 18 जुलाई तक बने रहने की संभावना है।