राष्ट्रीय राजमार्गों पर रोजाना यात्रा करने वालों के लिए यह बड़ी खुशखबरी है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने वाहनों के लिए फास्टैग जारी करने हेतु ‘अपने वाहन को जानें’ (केवाईवी) प्रक्रिया को समाप्त करने का निर्णय लिया है (फास्टैग के नए नियम)। जी हां, यह जानकारी सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने गुरुवार को दी। नए नियमों के अनुसार, 1 फरवरी से कार, जीप या वैन श्रेणी के नए फास्टैग के लिए केवाईवी अनिवार्य नहीं होगा। उम्मीद है कि इस निर्णय से उन ग्राहकों को राहत मिलेगी जो फास्टैग सक्रियण के बाद लंबे समय से परेशानी झेल रहे थे।
यह निर्णय महत्वपूर्ण क्यों है?
दरअसल, फास्टैग लागू होने के बाद से अब तक कई चालकों को बार-बार दस्तावेज जमा करने पड़ते थे, बैंकों और ग्राहक सेवा केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ते थे। केवाईवी पूरा न होने के कारण फास्टैग ब्लॉक या निष्क्रिय हो जाता था। एनएचएआई ने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। एनएचएआई ने स्पष्ट रूप से कहा है कि सामान्य परिस्थितियों में, किसी भी नए या पुराने वाहन के फास्टैग के लिए केवाईवी की आवश्यकता नहीं होगी। विशेष शिकायत होने पर ही KYV प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उदाहरण के लिए, FASTag के धीमे चलने या उसके दुरुपयोग आदि की शिकायतें।
हालांकि ग्राहकों के लिए प्रक्रिया सरल कर दी गई है, वहीं जारीकर्ता बैंक के लिए नियम सख्त कर दिए गए हैं। नए नियमों के अनुसार, FASTag सक्रिय करने से पहले वाहन की जानकारी VAHAN डेटाबेस के माध्यम से सत्यापित करनी होगी, और पहले की तरह, सक्रियण के बाद सत्यापन का अवसर नहीं दिया जाएगा। साथ ही, यदि किसी वाहन की जानकारी VAHAN में नहीं है, तो बैंक को वाहन पंजीकरण प्रमाण पत्र देखकर उसका सत्यापन करना होगा।
ऑनलाइन FASTag खरीदने के लिए नए नियम
अब, ऑनलाइन खरीदे गए FASTag को पूर्ण सत्यापन पूरा होने तक सक्रिय नहीं किया जाएगा। इसके अलावा, बैंक सभी जानकारी सत्यापित करने के बाद ही FASTag को सक्रिय कर सकेगा। सरकार के अनुसार, इस तरह ग्राहकों को भविष्य में बार-बार कॉल या मैसेज का सामना नहीं करना पड़ेगा। संक्षेप में, इस नए नियम से ग्राहकों को काफी लाभ होगा।