Buffalo Subsidy :भैंस पालने वालों को मिलेगी 1.81 लाख तक सब्सिडी, इन जरुरी डॉक्युमेंट से कर सकेंगे आवेदन

Saroj kanwar
3 Min Read

Buffalo Subsidy: बिहार सरकार ने पशुपालकों और किसानों के लिए एक बड़ी राहत और कमाई का जरिया पेश किया है. नई योजना का नाम ‘समग्र भैंस पालन योजना 2025-26’ है. इस योजना का उद्देश्य दूध उत्पादन को बढ़ावा देना, ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना और कृषकों की आय में इजाफा करना है.

अगर आप भी पशुपालक हैं या पशुपालन की शुरुआत करना चाहते हैं, तो यह योजना आपके लिए सुनहरा अवसर साबित हो सकती है.

क्या है समग्र भैंस पालन योजना?


‘समग्र भैंस पालन योजना’ के तहत राज्य सरकार 1 या 2 उन्नत नस्ल की दुधारू भैंसों की डेयरी यूनिट स्थापित करने के लिए अनुदान (Subsidy) दे रही है. इसमें मुर्राह, जाफराबादी और भदावरी नस्ल की भैंसें शामिल हैं.
सरकार योजना के तहत 50% से 75% तक की आर्थिक सहायता देगी, जिससे किसान बिना ज्यादा निवेश के भैंस पालन शुरू कर सकते हैं.

कब और कैसे करें आवेदन?


इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 25 जून 2025 से शुरू हो रही है, जो 25 जुलाई 2025 तक चलेगी.

आवेदन के लिए आधिकारिक वेबसाइट है:


https://dairy.bihar.gov.in/
कौन-कौन ले सकता है योजना का लाभ?
योजना का लाभ बिहार के सभी जिलों के किसानों, बेरोजगार युवक-युवतियों और पशुपालकों को मिलेगा. विशेष रूप से अत्यंत पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लाभार्थियों को अधिक अनुदान दिया जाएगा.

कितनी सब्सिडी मिलेगी?


1 दुधारू भैंस (एकक यूनिट)
कुल लागत: ₹1,21,000
SC/ST/OBC को अनुदान: ₹90,750 (75%)
अन्य वर्गों को अनुदान: ₹60,500 (50%)
2 दुधारू भैंस (द्वैतिक यूनिट)
कुल लागत: ₹2,42,000
SC/ST/OBC को अनुदान: ₹1,81,500 (75%)
अन्य वर्गों को अनुदान: ₹1,21,000 (50%)


योजना की प्रमुख शर्तें और जिम्मेदार संस्थाएं


योजना का संचालन संबंधित जिले के जिला गव्य विकास पदाधिकारी द्वारा किया जाएगा.
केवल संपूर्ण और त्रुटिरहित आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगे.
राज्य के सभी जिलों में यह योजना लागू की जा रही है.


आवेदन करते समय जरूरी दस्तावेज


ऑनलाइन आवेदन के साथ निम्नलिखित दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य है:

आधार कार्ड
फोटोग्राफ
भूमि की रसीद (updated)
जाति प्रमाण पत्र
विभागीय प्रशिक्षण प्रमाण पत्र
बैंक पासबुक (अपडेटेड)


किससे लें सहायता?


अगर किसी किसान को योजना से संबंधित कोई जानकारी या सहायता चाहिए तो वह अपने जिले के जिला गव्य विकास पदाधिकारी से संपर्क कर सकते हैं.


क्यों है ये योजना खास?


पशुपालन से जुड़ने का बेहतरीन मौका
कम लागत में व्यवसाय शुरू करने की सुविधा
दूध उत्पादन से नियमित आय
महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार का अवसर
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *