BIS ने गोल्ड नियमों में किया बदलाव, सोने के सिक्कों से जुड़े नियम भी बदले, जान लीजिए वरना बढ़ेगी परेशानी

Saroj kanwar
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नए नियम क्यों लागू किए गए हैं?

BIS का कहना है कि इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को सोने की शुद्धता की पुख्ता जानकारी देना है। अक्सर कम कैरेट वाले गहनों की बिक्री में ग्राहकों को धोखा मिल जाता है, क्योंकि शुद्धता प्रमाणित नहीं होती। इस नियम के लागू होने के बाद 9 कैरेट ज्वेलरी भी सरकारी मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र के साथ मिलेगी।

  ग्राहकों को क्या होगा फायदा?

विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से आम ग्राहकों को कई लाभ होंगे:

कम कीमत में गहने खरीदने का विकल्प मिलेगा, क्योंकि 9 कैरेट सोना अपेक्षाकृत सस्ता होता है।

हॉलमार्किंग के कारण सोने की शुद्धता और विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी।

इस नियम से ज्वेलरी डिज़ाइन में भी नवाचार आएगा, क्योंकि कम कैरेट सोने में मॉडर्न और हल्के डिज़ाइन आसानी से बन सकते हैं।

मिलावट या धोखाधड़ी की संभावना घटेगी।

  ज्वेलरी कारोबारियों के लिए क्या है निर्देश?

अब देश भर के सभी ज्वेलरी विक्रेताओं और हॉलमार्किंग केंद्रों को BIS के इस नए नियम का पालन करना अनिवार्य होगा। इसका उल्लंघन करने पर जुर्माने से लेकर लाइसेंस रद्द तक की कार्रवाई की जा सकती है।

New gold rule: आप अगर हाल फिलहाल में सोने के ज्वैलरी खरीदने वाले हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। भारतीय मानक ब्यूरो ने गोल्ड से जुड़े नियमों में बदलाव कर दिया है। मार्केट में सोने की खरीदारी में काफी धोखाधड़ी और मिलावट देखने को मिल रही थी जिसके बाद नियमों में बदलाव किया गया है। अब 9 कैरेट सोने से बनी ज्वेलरी पर भी हॉलमार्किंग जरूरी कर दिया गया है। पहले 14 कैरेट सोने से बने ज्वेलरी पर ही हॉल मार्किंग होता था लेकिन अभी नियमों में बदलाव हो गया है।

 पहले 24 कैरेट 23 कैरेट 22 कैरेट 20 कैरेट 18 कैरेट और 24 कैरेट गोल्ड पर ही हॉलमार्किंग जरूरी था लेकिन नियमों में बदलाव कर दिया गया है और अब 9 कैरेट गोल्ड पर भी हॉल मार्किंग अनिवार्य कर दिया गया है। भारतीय मानक ब्यूरो के इस फैसले से ग्राहकों को बेहद फायदा होगा। अब कोई भी ग्राहकों के साथ धोखा नहीं कर पाएगा।

नए नियम क्यों लागू किए गए हैं?

BIS का कहना है कि इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को सोने की शुद्धता की पुख्ता जानकारी देना है। अक्सर कम कैरेट वाले गहनों की बिक्री में ग्राहकों को धोखा मिल जाता है, क्योंकि शुद्धता प्रमाणित नहीं होती। इस नियम के लागू होने के बाद 9 कैरेट ज्वेलरी भी सरकारी मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र के साथ मिलेगी।

  ग्राहकों को क्या होगा फायदा?

विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से आम ग्राहकों को कई लाभ होंगे:

कम कीमत में गहने खरीदने का विकल्प मिलेगा, क्योंकि 9 कैरेट सोना अपेक्षाकृत सस्ता होता है।

हॉलमार्किंग के कारण सोने की शुद्धता और विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी।

इस नियम से ज्वेलरी डिज़ाइन में भी नवाचार आएगा, क्योंकि कम कैरेट सोने में मॉडर्न और हल्के डिज़ाइन आसानी से बन सकते हैं।

मिलावट या धोखाधड़ी की संभावना घटेगी।

  ज्वेलरी कारोबारियों के लिए क्या है निर्देश?

अब देश भर के सभी ज्वेलरी विक्रेताओं और हॉलमार्किंग केंद्रों को BIS के इस नए नियम का पालन करना अनिवार्य होगा। इसका उल्लंघन करने पर जुर्माने से लेकर लाइसेंस रद्द तक की कार्रवाई की जा सकती है।

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