Bihar Road Plan 2025: बिहार को केंद्र सरकार की ओर से इस साल अब तक की सबसे बड़ी अधोसंरचना सौगात मिली है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण (NH Construction) के लिए बिहार को 33,464 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है. यह देश के कुल सड़क बजट का लगभग एक-तिहाई हिस्सा है, जो कि राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आवंटन है.
पहले मिलते थे 6-7 हजार करोड़
अब तक बिहार को केंद्र से वर्षवार केवल 6 से 7 हजार करोड़ रुपये तक की राशि मिलती थी. लेकिन इस बार यह पांच गुना से अधिक है. इस पैसे से राज्य में कुल 52 सड़क परियोजनाएं पूरी की जाएंगी. जिनके तहत 875 किलोमीटर लंबी सड़कें बनेंगी.
380 KM सड़कें होंगी फोर लेन
इन परियोजनाओं में से 380 किलोमीटर की सड़कें दो लेन से चार लेन में अपग्रेड की जाएंगी. इसके अलावा गंडक नदी पर दो बड़े पुल बनाए जाएंगे जो न केवल परिवहन को बेहतर बनाएंगे बल्कि क्षेत्रीय संपर्क को भी सशक्त करेंगे.
इन प्रमुख परियोजनाओं को मिली मंजूरी
केंद्रीय मंत्रालय द्वारा मंजूर की गई कुछ प्रमुख सड़क परियोजनाएं निम्नलिखित हैं:
रामजानकी मार्ग (मशरख–चकिया–भिठ्ठा मोड़)
लंबाई: 146 किमी
मंजूर राशि: ₹7300 करोड़
विवरण: चार लेन सड़क बनेगी.
गंडक नदी पर चार लेन पुल (एनएच-727AA,
सेवराही–बेतिया)
लंबाई: 11 किमी
मंजूर राशि: ₹1800 करोड़
बेतिया–बगहा फोर लेन सड़क
लंबाई: 69 किमी
मंजूर राशि: ₹4300 करोड़
अरवल से बिहारशरीफ फोर लेन सड़क
मंजूर राशि: ₹2300 करोड़
राज्यभर में बाईपास और ROB का होगा निर्माण
बिहार के विभिन्न हिस्सों में बाईपास और रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) के निर्माण पर भी बड़ा निवेश किया जाएगा:
विशेष परियोजनाएं जो बनेंगी राज्य की पहचान
वाल्मीकिनगर व्याघ्र परियोजना के पास 15 किमी बाईपास
मंजूर राशि: ₹3000 करोड़
विवरण: नए एलाइनमेंट पर आधारित होगा.
सिंघेश्वर बाईपास
मंजूर राशि: ₹200 करोड़
सीतामढ़ी–चिरौत दो लेन सड़क
लंबाई: तय नहीं
मंजूर राशि: ₹500 करोड़
नितिन नवीन का बयान: बिहार को मिला ऐतिहासिक बजट
बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने इस बड़ी उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया. उन्होंने कहा “यह पहली बार है जब एक वित्तीय वर्ष में बिहार को इतनी बड़ी राशि मंजूर की गई है. हम सुनिश्चित करेंगे कि ये सभी परियोजनाएं समय पर और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरी हों. राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता से केंद्र का सहयोग करेगी.”
कैसे बदलेगा यह निवेश बिहार की सड़कों का चेहरा?
पर्यटन और निवेश को बढ़ावा: वाल्मीकिनगर और अन्य क्षेत्रों में पहुंच आसान होगी
क्षेत्रीय संपर्क में सुधार: चार लेन सड़कों और ROB से सफर होगा सुगम
आर्थिक विकास को मिलेगा बल: परिवहन आसान होने से उद्योग-कारोबार को फायदा
बाढ़ व आपातकाल में राहत: नए पुलों से वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होंगे