Bank Minimum Balance Charges :अब जीरो बैलेंस में भी चलेगा सेविंग अकाउंट, इन बैंकों ने ग्राहकों को दी बड़ी राहत 

Saroj kanwar
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Bank Minimum Balance Charges: अगर आप बैंक अकाउंट में मिनिमम बैलेंस को लेकर हर महीने परेशान रहते हैं, तो अब आपके लिए बड़ी राहत की खबर है। कई सरकारी बैंकों ने अब अपने ग्राहकों से न्यूनतम बैलेंस नहीं रखने पर कोई पेनल्टी वसूलने का नियम खत्म कर दिया है। इससे लाखों खाताधारकों को हर महीने चार्ज कटने से राहत मिलेगी।

इंडियन बैंक का बड़ा फैसला

इंडियन बैंक ने हाल ही में घोषणा की है कि अब उसके सेविंग अकाउंट होल्डर्स को न्यूनतम बैलेंस रखने की आवश्यकता नहीं होगी। यानी आप खाते में जितना चाहे उतना बैलेंस रख सकते हैं, और कोई पेनल्टी नहीं लगेगी। यह कदम खासतौर पर उन ग्राहकों के लिए राहतभरा है, जिनकी आमदनी सीमित है।

SBI ने पहले ही खत्म कर दी थी ये पेनल्टी

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने पहले ही साल 2020 में सेविंग अकाउंट से मिनिमम बैलेंस चार्ज हटाने की घोषणा की थी। तब से लेकर अब तक SBI ग्राहकों को यह छूट मिल रही है कि अगर उनका बैलेंस तय सीमा से कम हो जाए, तो भी कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

केनरा बैंक ने मई 2025 में लिया बड़ा निर्णय

केनरा बैंक ने मई 2025 में यह फैसला लिया कि उसके सभी प्रकार के सेविंग अकाउंट—चाहे वो रेगुलर अकाउंट, सैलरी अकाउंट, या NRI अकाउंट हों—अब मिनिमम बैलेंस से मुक्त होंगे। यह घोषणा देशभर के लाखों ग्राहकों को सीधा लाभ पहुंचाएगी।

PNB ने भी दी राहत, नहीं लगेगा कोई जुर्माना

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने भी हाल ही में अपने ग्राहकों को बड़ी राहत दी है। बैंक ने कहा है कि अब उसके खाताधारकों को मिनिमम एवरेज बैलेंस (MAB) नहीं बनाए रखने पर भी कोई पेनल्टी नहीं देनी होगी। पहले PNB में यह जुर्माना बैलेंस की कमी के अनुसार लगाया जाता था—जितनी ज्यादा कमी, उतना ज्यादा चार्ज।किन ग्राहकों को होगा सबसे ज्यादा फायदा?

बैंकों के इस निर्णय से सबसे ज्यादा फायदा होगा:छात्रों को, जिनकी आमदनी सीमित होती है

सीनियर सिटिज़न, जो पेंशन या सीमित फंड पर निर्भर रहते हैं

ग्रामीण व छोटे शहरों के निवासियों को, जिनके खाते में अक्सर उतार-चढ़ाव होता है

कम आय वर्ग के कामकाजी लोगों को

क्या है मिनिमम बैलेंस और पेनल्टी का नियम?

बैंकों द्वारा सेविंग अकाउंट में एक निश्चित राशि बनाए रखना जरूरी होता है, जिसे मिनिमम बैलेंस कहा जाता है। अगर ग्राहक खाते में यह राशि नहीं रखते, तो पेनल्टी लगती है, जो हर महीने के अंत में खाते से काट ली जाती है। लेकिन अब इंडियन बैंक, SBI, PNB और केनरा बैंक जैसे बड़े बैंक इस नियम को समाप्त कर चुके हैं।

डिजिटल बैंकिंग में भी होगा सकारात्मक असर

बैंकों द्वारा मिनिमम बैलेंस की शर्त हटाने से डिजिटल बैंकिंग को भी बढ़ावा मिलेगा। अब ग्राहक बेझिझक अपने खाते का उपयोग पेटीएम, UPI, नेट बैंकिंग आदि सेवाओं में कर सकेंगे, बिना यह चिंता किए कि उनका बैलेंस कम हो गया तो पैसा कट जाएगा।

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