सस्ते और देसी सुपरफूड्स से बनाएं शरीर मजबूत, महंगे सप्लीमेंट्स की नहीं पड़ेगी जरूरत

Saroj kanwar
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Indian Superfoods For Healthy Body: आजकल स्वस्थ और फिट रहने के लिए लोग महंगे सप्लीमेंट्स और विदेशी सुपरफूड्स पर काफी ध्यान दे रहे हैं। हालांकि, हमारे पारंपरिक भारतीय खानपान में ही ऐसे कई पौष्टिक खाद्य पदार्थ मौजूद हैं, जिन्हें आसानी से रोज की डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है।

आयुर्वेद और भारतीय भोजन परंपरा में लंबे समय से इस्तेमाल किए जाने वाले ये देसी खाद्य पदार्थ शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व उपलब्ध कराते हैं। इनमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। संतुलित आहार के साथ इनका सेवन पाचन, ऊर्जा और सामान्य स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है।

अगर आप बिना बहुत ज्यादा खर्च किए अपनी डाइट को पौष्टिक बनाना चाहते हैं, तो इन भारतीय सुपरफूड्स को अपने भोजन में शामिल कर सकते हैं।

1. आंवला

आंवला भारतीय खानपान में शामिल बेहद पौष्टिक फलों में से एक है। इसमें विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। इसके अलावा इसमें कुछ जरूरी मिनरल्स भी मौजूद होते हैं।

आंवले को डाइट में शामिल करने से शरीर को एंटीऑक्सीडेंट पोषण मिलता है और यह सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली को सपोर्ट कर सकता है। इसमें मौजूद फाइबर पाचन के लिए भी उपयोगी होता है। आंवला पारंपरिक रूप से त्वचा और बालों की देखभाल से भी जोड़ा जाता रहा है।

इसे ताजा फल, चटनी या अन्य पारंपरिक तरीकों से आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है।

2. सत्तू

भुने हुए चने से तैयार होने वाला सत्तू भारत के कई हिस्सों में लोकप्रिय पारंपरिक खाद्य पदार्थ है। यह खास तौर पर गर्मियों में काफी पसंद किया जाता है।

सत्तू में प्रोटीन और फाइबर के साथ आयरन और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व भी पाए जाते हैं। फाइबर और प्रोटीन की मौजूदगी इसे पेट को लंबे समय तक संतुष्ट रखने वाला विकल्प बनाती है।

गर्मियों में सत्तू का पेय पानी के साथ तैयार करके लिया जाता है। यह भोजन में पौष्टिकता बढ़ाने का आसान और किफायती तरीका हो सकता है। हालांकि, इसे बनाते समय अतिरिक्त चीनी या नमक की मात्रा का ध्यान रखना चाहिए।

3. दही

भारतीय भोजन में दही का इस्तेमाल काफी पुराना है। यह प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन B12 जैसे पोषक तत्वों का स्रोत हो सकता है। दही में मौजूद जीवित कल्चर आंतों के स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी हो सकते हैं।

नियमित और संतुलित मात्रा में दही का सेवन पाचन तंत्र को सपोर्ट कर सकता है। कैल्शियम और प्रोटीन की वजह से यह हड्डियों और मांसपेशियों के लिए भी संतुलित आहार का हिस्सा बन सकता है।

गर्मियों में दही को भोजन के साथ या रायते के रूप में शामिल करना आसान विकल्प है।

4. मखाना

मखाना यानी फॉक्स नट्स आज हेल्दी स्नैक के तौर पर काफी लोकप्रिय हो चुका है। इसे हल्का भूनकर स्वादिष्ट और पौष्टिक स्नैक के रूप में खाया जा सकता है।

मखाने में प्रोटीन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसमें मौजूद फाइबर पेट को संतुष्ट रखने में मदद कर सकता है। यही वजह है कि लोग इसे स्नैकिंग के लिए एक बेहतर विकल्प मानते हैं।

हालांकि, मखाने को घी, नमक या मसालों के साथ तैयार करते समय इनकी मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है।

5. बाजरा

बाजरा भारत के पारंपरिक मोटे अनाजों में शामिल है और इसे पोषण से भरपूर अनाज माना जाता है। इसमें फाइबर, प्रोटीन, आयरन, मैग्नीशियम और अन्य जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं।

बाजरे को रोटी, खिचड़ी या अन्य व्यंजनों के रूप में डाइट में शामिल किया जा सकता है। इसमें मौजूद फाइबर पाचन को सपोर्ट करता है और भोजन को अधिक पौष्टिक बनाने में मदद करता है।

जो लोग अपनी डाइट में पारंपरिक अनाजों को शामिल करना चाहते हैं, उनके लिए बाजरा एक अच्छा विकल्प हो सकता है। हालांकि, किसी भी एक खाद्य पदार्थ को संपूर्ण पोषण का अकेला स्रोत नहीं माना जाना चाहिए।

देसी सुपरफूड्स को डाइट में कैसे शामिल करें?

आंवला, सत्तू, दही, मखाना और बाजरा जैसे खाद्य पदार्थ आसानी से रोजमर्रा के भारतीय भोजन का हिस्सा बनाए जा सकते हैं। इनका लाभ लेने के लिए संतुलित मात्रा में अलग-अलग खाद्य पदार्थों का सेवन करना बेहतर है। साथ ही पर्याप्त पानी, नियमित शारीरिक गतिविधि और अच्छी नींद भी स्वस्थ जीवनशैली के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।

नोट: किसी भी खाद्य पदार्थ को बीमारी का इलाज या किसी विशेष स्वास्थ्य समस्या का निश्चित समाधान नहीं माना जाना चाहिए। किसी बीमारी, एलर्जी या विशेष डाइटरी जरूरत की स्थिति में डॉक्टर या योग्य डाइटिशियन की सलाह लेना बेहतर है।

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