Gold Rate Today: 25 जुलाई को सोना हुआ महंगा या सस्ता? जानें 18, 22 और 24 कैरेट के ताजा भाव

Saroj kanwar
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अगर आप सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो पहले आज के ताजा भाव जरूर जान लें। 25 जुलाई 2026 को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में हल्की तेजी दर्ज की गई है। Good Returns के अनुसार, 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के दाम में पिछले कारोबारी दिन के मुकाबले बढ़ोतरी देखने को मिली है। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों की सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की ओर बढ़ती रुचि का असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई दे रहा है।

आज का गोल्ड रेट (25 जुलाई 2026)

शुद्धताकीमत (प्रति 10 ग्राम)
24 कैरेट₹14,493
22 कैरेट₹13,285
18 कैरेट₹10,870

24 कैरेट सोने की कीमत में ₹60, 22 कैरेट में ₹55 और 18 कैरेट में ₹45 की बढ़ोतरी हुई है। इससे पहले 24 जुलाई को इनके दाम इससे कम थे।

प्रमुख शहरों में सोने का भाव

शहर24 कैरेट22 कैरेट18 कैरेट
चेन्नई₹13,509₹13,300₹11,115
मुंबई₹14,493₹13,285₹10,870
दिल्ली₹14,508₹13,285₹10,885
कोलकाता₹14,493₹13,285₹10,870
बेंगलुरु₹14,493₹13,285₹10,870
हैदराबाद₹14,493₹13,285₹10,870
पुणे₹14,493₹13,285₹10,870
वडोदरा₹14,498₹13,290₹10,875
अहमदाबाद₹14,498₹13,290₹10,875

क्यों बढ़ रहे हैं सोने के दाम?

हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। शुरुआत में वैश्विक तनाव कम होने से कीमतों में नरमी आई थी, लेकिन पश्चिम एशिया में फिर से बढ़ते संघर्ष ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे समय में लोग सोने को सुरक्षित निवेश मानकर खरीदारी बढ़ा रहे हैं, जिससे इसकी कीमतों को समर्थन मिल रहा है।

पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत जारी है और बड़े सैन्य अभियान से बचने की कोशिश की जा रही है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार है।

इस बीच, ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 6% से अधिक उछलकर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जो मई के बाद पहली बार हुआ है। क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव और समुद्री व्यापार मार्गों पर हमलों की घटनाओं ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

उधर, नाबलुस के गवर्नर घसान दघलास के अनुसार, पिछले दो दिनों में छह फिलिस्तीनियों की मौत हुई है, जबकि कई लोग घायल और गिरफ्तार हुए हैं। उन्होंने इस हिंसा के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निष्क्रियता को जिम्मेदार ठहराया।

जून का समझौता क्यों नहीं टिक पाया?

जून 2026 के मध्य में अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के लिए एक अस्थायी समझौता हुआ था, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय संघर्ष को रोकना और प्रमुख समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। लेकिन लगातार हमलों और शिपिंग बाधाओं के चलते यह समझौता जल्द ही टूट गया। इसके बाद दोनों देशों के बीच फिर से सैन्य गतिविधियां तेज हो गईं।

आगे क्या रह सकता है असर?

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव बना रहता है, तो सोने की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल, आयात शुल्क और रुपये की विनिमय दर भी भारत में सोने के दाम तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। ऐसे में निवेशकों और खरीदारों को खरीदारी से पहले रोजाना गोल्ड रेट पर नजर रखना चाहिए।

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