महंगाई के लगातार बढ़ते असर के बीच केंद्र सरकार के स्वामित्व वाली कंपनियों (CPSEs) में कार्यरत कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर आई है। जहां एक ओर देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारी जुलाई से लागू होने वाले महंगाई भत्ते (DA) में 2 से 3 प्रतिशत बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक उपक्रमों (CPSEs) के अधिकारियों और गैर-यूनियन सुपरवाइजर्स के लिए इंडस्ट्रियल डियरनेस अलाउंस (IDA) बढ़ाने का ऐलान कर दिया गया है।
केंद्र सरकार के लोक उद्यम विभाग (Department of Public Enterprises – DPE) ने संशोधित IDA दरों की अधिसूचना जारी कर दी है। यह बढ़ोतरी ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) के आधार पर की गई है, ताकि बढ़ती महंगाई का असर कर्मचारियों की आय पर कम किया जा सके।
अलग-अलग वेतनमान के अनुसार बढ़ा IDA
सरकार ने विभिन्न वेतनमान (Pay Scales) के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते की नई दरें तय की हैं। संशोधित दरें इस प्रकार हैं—
- 1987 वेतनमान के कर्मचारियों के लिए IDA ₹18,298 निर्धारित किया गया है।
- 1997 वेतनमान के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़कर 476.9% हो गया है।
- 2007 वेतनमान के कर्मचारियों के लिए IDA अब 241.7% रहेगा।
- 2017 वेतनमान के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़कर 55.7% कर दिया गया है।
इन CPSE कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
महंगाई भत्ते में यह बढ़ोतरी केंद्र सरकार के स्वामित्व वाली कई प्रमुख कंपनियों के कर्मचारियों को लाभ पहुंचाएगी। इनमें GAIL, BHEL, HAL, MTNL, IRCTC, RailTel समेत कई महारत्न, नवरत्न और मिनी रत्न कंपनियों के अधिकारी और गैर-यूनियन सुपरवाइजर शामिल हैं।
सैलरी पर कितना पड़ेगा असर?
IDA बढ़ने से कर्मचारियों की मासिक आय में भी बढ़ोतरी होगी। उदाहरण के तौर पर—
- यदि किसी कर्मचारी का 2017 वेतनमान के तहत बेसिक वेतन ₹60,000 है, तो 55.7% IDA के हिसाब से उसे लगभग ₹33,420 महंगाई भत्ता मिलेगा। ऐसे में उसकी कुल मासिक आय करीब ₹93,420 हो जाएगी।
- वहीं 2007 वेतनमान के अंतर्गत ₹15,000 बेसिक वेतन पाने वाले कर्मचारी को 241.7% IDA के अनुसार लगभग ₹36,255 महंगाई भत्ता मिलेगा। इससे उसकी कुल आय लगभग ₹51,255 हो जाएगी। अन्य भत्तों का भुगतान अलग से किया जाएगा।
DPE ने जारी की आधिकारिक अधिसूचना
लोक उद्यम विभाग (DPE) ने संशोधित इंडस्ट्रियल डियरनेस अलाउंस (IDA) की नई दरों को लेकर आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। यह संशोधन ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) के आधार पर किया गया है। सरकार समय-समय पर महंगाई के आंकड़ों की समीक्षा कर IDA में बदलाव करती है, ताकि कर्मचारियों की क्रय शक्ति बनी रहे और बढ़ती कीमतों का असर उनकी आय पर कम हो।