Credit Card Debt Trap: Minimum Due भरना पड़ सकता है भारी, जानें कैसे बढ़ता है कर्ज

Saroj kanwar
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Credit Card Debt Trap: आज के समय में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। ऑनलाइन शॉपिंग, ट्रैवल, बिल पेमेंट और इमरजेंसी खर्चों के लिए लोग बड़े पैमाने पर इसका उपयोग करते हैं। हालांकि, सही तरीके से इस्तेमाल न करने पर यही सुविधा भारी कर्ज का कारण बन सकती है। कई लोग हर महीने केवल Minimum Due भरकर यह मान लेते हैं कि उनका भुगतान पूरा हो गया, जबकि वास्तव में यही आदत उन्हें धीरे-धीरे Credit Card Debt Trap में फंसा सकती है।

अगर आप भी क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो यह समझना बेहद जरूरी है कि Minimum Due क्या होता है, यह कैसे काम करता है और इससे बचने का सही तरीका क्या है।

क्या होता है Minimum Due?

Minimum Due वह न्यूनतम राशि होती है जिसे आपको हर महीने क्रेडिट कार्ड बिल की अंतिम तारीख तक जमा करना जरूरी होता है। आमतौर पर यह कुल बकाया राशि का 5% से 10% होता है, हालांकि अलग-अलग बैंक और कार्ड जारी करने वाली कंपनियों के नियम अलग हो सकते हैं।

यदि आप केवल Minimum Due का भुगतान करते हैं, तो आपका कार्ड डिफॉल्ट की श्रेणी में नहीं आता। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आपका पूरा बिल खत्म हो गया। बची हुई राशि अगले महीने के लिए आगे बढ़ जाती है और उस पर ब्याज लगना शुरू हो जाता है।

केवल Minimum Due भरना क्यों पड़ सकता है महंगा?

कई लोग सोचते हैं कि Minimum Due भरने से अतिरिक्त चार्ज नहीं लगेगा, लेकिन यह सबसे बड़ी गलतफहमी है। वास्तव में, बची हुई राशि पर क्रेडिट कार्ड कंपनियां ऊंची ब्याज दर वसूलती हैं। भारत में कई कार्ड पर यह ब्याज 30% से 48% सालाना तक हो सकता है।

यानी अगर आपने ₹50,000 का बिल बनाया और केवल ₹2,500 का Minimum Due जमा किया, तो बाकी ₹47,500 पर ब्याज लगना शुरू हो जाएगा। अगले महीने यदि फिर पूरा भुगतान नहीं किया गया, तो ब्याज पर भी ब्याज जुड़ सकता है, जिससे कर्ज तेजी से बढ़ता जाता है।

कैसे बनता है Credit Card Debt Trap?

मान लीजिए आपने किसी महीने बड़ा खर्च किया और पूरा बिल चुकाने के बजाय केवल Minimum Due भर दिया। अगले महीने नए खर्च भी जुड़ गए और पुराने बकाया पर ब्याज भी लग गया। यदि यह सिलसिला लगातार चलता रहा, तो आपकी कुल देनदारी हर महीने बढ़ती जाएगी।

यही स्थिति धीरे-धीरे Debt Trap में बदल जाती है, जहां व्यक्ति का बड़ा हिस्सा केवल ब्याज चुकाने में निकल जाता है, जबकि मूल रकम कम ही हो पाती है।

Credit Score पर भी पड़ सकता है असर

हालांकि Minimum Due का भुगतान करने से लेट पेमेंट का रिकॉर्ड नहीं बनता, लेकिन लगातार कम भुगतान करना आपकी Credit Utilisation Ratio बढ़ा सकता है। यदि आपका कार्ड बार-बार लगभग पूरी लिमिट तक इस्तेमाल हो रहा है, तो इसका नकारात्मक असर आपके Credit Score पर भी पड़ सकता है। भविष्य में होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन लेने में परेशानी हो सकती है।

एक्सपर्ट क्या सलाह देते हैं?

फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का कहना है कि क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल तभी करें जब आपको भरोसा हो कि आप Due Date तक पूरा बिल चुका सकेंगे। केवल Minimum Due भरना इमरजेंसी स्थिति में एक अस्थायी विकल्प हो सकता है, लेकिन इसे नियमित आदत बनाना वित्तीय रूप से नुकसानदायक साबित हो सकता है।

यदि किसी महीने पूरा भुगतान संभव नहीं है, तो कोशिश करें कि Minimum Due से कहीं अधिक राशि जमा करें, ताकि बकाया और ब्याज दोनों कम हो सकें।

Credit Card Debt Trap से बचने के आसान उपाय

  • हर महीने पूरा Credit Card Bill समय पर चुकाने की कोशिश करें।
  • केवल Minimum Due भरने की आदत से बचें।
  • अपनी क्रेडिट लिमिट का जरूरत से ज्यादा उपयोग न करें।
  • खर्च करने से पहले मासिक बजट तय करें।
  • Due Date के लिए मोबाइल या बैंकिंग ऐप में रिमाइंडर सेट करें।
  • अगर कई कार्ड हैं, तो सबसे ज्यादा ब्याज वाले कार्ड का भुगतान पहले करें।
  • जरूरत पड़ने पर खर्च कम करें और अतिरिक्त आय से बकाया जल्द खत्म करने की कोशिश करें।

निष्कर्ष

क्रेडिट कार्ड एक उपयोगी वित्तीय साधन है, लेकिन इसका सही इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है। Minimum Due केवल डिफॉल्ट से बचने का विकल्प है, कर्ज खत्म करने का नहीं। यदि आप हर महीने पूरा बिल चुकाते हैं, तो न केवल भारी ब्याज से बचेंगे बल्कि आपका Credit Score भी मजबूत रहेगा। इसलिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल सोच-समझकर करें और अनावश्यक कर्ज के जाल से खुद को सुरक्षित रखें।

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