जींद: देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन एक बार फिर ट्रायल रन के लिए तैयार है। रेलवे सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को इस ट्रेन का परीक्षण किया जा सकता है। संभावना है कि यह ट्रायल पानीपत रूट पर किया जाए। ट्रेन की जांच प्रक्रिया को देखते हुए लखनऊ स्थित अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (RDSO) की टीम के भी पहुंचने की उम्मीद है।
इससे पहले 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जींद पहुंचकर हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। उद्घाटन के दिन करीब 200 विद्यार्थियों और शिक्षकों ने स्पेशल पास के जरिए इस ऐतिहासिक ट्रेन में सफर किया था।
उद्घाटन के अगले दिन 18 जुलाई को ट्रेन को तकनीकी जांच और रखरखाव के लिए दिल्ली के शकूरबस्ती यार्ड भेजा गया था। इसके बाद 19 जुलाई से हाइड्रोजन ट्रेन का आम यात्रियों के लिए नियमित संचालन शुरू कर दिया गया।
शुरुआती दिनों में यात्रियों की संख्या काफी कम रही। पहले दो दिन ट्रेन में लगभग 20-20 यात्रियों ने सफर किया, जबकि बाद में यात्रियों की संख्या बढ़कर 30 से 40 के बीच पहुंच गई।
हालांकि, रेलवे की ओर से जारी समय सारिणी के अनुसार शुक्रवार को ट्रेन का नियमित संचालन नहीं रखा गया है। इस दिन ट्रेन को मेंटेनेंस के लिए शकूरबस्ती भेजने की योजना थी। लेकिन एक सप्ताह तक संचालन के बाद रेलवे अब इसकी तकनीकी क्षमता और प्रदर्शन को परखने के लिए दोबारा ट्रायल कर सकता है।
अगर शुक्रवार को हाइड्रोजन ट्रेन ट्रायल रन पर जाती है, तो संभव है कि इसे शनिवार को रखरखाव के लिए शकूरबस्ती भेजा जाए। रेलवे इस अत्याधुनिक ट्रेन के संचालन से पहले सभी तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रहा है।