नई दिल्ली: 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच लगातार उत्सुकता बनी हुई है। आयोग का गठन नवंबर 2025 में किया गया था और सरकार ने इसे अपनी अंतिम सिफारिशें सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया है। इस हिसाब से आयोग अपनी रिपोर्ट मई-जून 2027 तक केंद्र सरकार को सौंप सकता है।
आयोग की रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार उस पर विचार करेगी और मंजूरी के बाद ही नई वेतन एवं पेंशन व्यवस्था लागू होगी। पिछली वेतन आयोगों के अनुभव बताते हैं कि रिपोर्ट जमा होने और लागू होने के बीच कुछ समय लग सकता है।
केवल फिटमेंट फैक्टर से नहीं तय होगी सैलरी
इन दिनों 8वें वेतन आयोग को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर की हो रही है। अलग-अलग रिपोर्टों में 1.92, 2.08, 2.28, 2.57 और उससे अधिक फिटमेंट फैक्टर के आधार पर संभावित वेतन वृद्धि के अनुमान लगाए जा रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि अंतिम वेतन संशोधन केवल फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर नहीं करेगा। आयोग महंगाई, वेतन संरचना, विभिन्न पे-लेवल, भत्तों और अन्य सेवा शर्तों को भी ध्यान में रखकर अपनी सिफारिशें देगा। इसलिए अभी जो अनुमान लगाए जा रहे हैं, वे अंतिम फैसले से काफी अलग हो सकते हैं।
आयोग किन बातों पर करेगा विचार?
8वां वेतन आयोग केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन, पेंशन, भत्तों और सेवा शर्तों की व्यापक समीक्षा कर रहा है। आयोग विभिन्न मंत्रालयों, कर्मचारी संगठनों और अन्य हितधारकों से सुझाव भी ले रहा है, ताकि अंतिम रिपोर्ट तैयार की जा सके।
कर्मचारियों को क्या करना चाहिए?
फिलहाल कर्मचारियों को सोशल मीडिया या अनौपचारिक रिपोर्टों में चल रहे वेतन वृद्धि के दावों को अंतिम नहीं मानना चाहिए। वास्तविक बढ़ोतरी का पता तभी चलेगा जब आयोग अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा और सरकार उन सिफारिशों को मंजूरी देगी। ऐसे में फिलहाल फिटमेंट फैक्टर के आधार पर किए जा रहे सभी कैलकुलेशन केवल संभावित अनुमान माने जा रहे हैं।