8th Pay Commission: 18% तक बढ़ सकती है कर्मचारियों की सैलरी, जानिए कितनी होगी इन-हैंड पे

Saroj kanwar
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नई दिल्ली: 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) का इंतजार कर रहे करोड़ों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर नई सैलरी कितनी होगी। अब तक 2.08, 2.28 और 2.57 फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) को लेकर कई तरह के अनुमान सामने आते रहे हैं। हालांकि, ताजा आकलन के मुताबिक यदि सरकार 1.92 फिटमेंट फैक्टर लागू करती है, तो कर्मचारियों की ग्रॉस सैलरी में औसतन करीब 18% तक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

क्यों चर्चा में है 1.92 फिटमेंट फैक्टर?

फिटमेंट फैक्टर तय करते समय सरकार कई आर्थिक पहलुओं पर विचार करती है। इनमें महंगाई दर (Inflation), महंगाई भत्ता (Dearness Allowance-DA), सरकारी वित्तीय स्थिति और वेतन आयोग की सिफारिशें प्रमुख होती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए फिटमेंट फैक्टर 1.90 से 1.92 के बीच रहने की संभावना अधिक है। यही वजह है कि हाल के दिनों में इस आंकड़े को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है।

1.92 फिटमेंट फैक्टर लागू होने पर कितनी हो सकती है नई बेसिक सैलरी?

अगर 1.92 फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाता है, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। उदाहरण के तौर पर—

  • ₹18,000 की मौजूदा बेसिक सैलरी बढ़कर लगभग ₹34,560 हो सकती है।
  • ₹25,500 की बेसिक सैलरी करीब ₹48,960 तक पहुंच सकती है।
  • ₹35,400 की बेसिक सैलरी बढ़कर लगभग ₹67,968 हो सकती है।
  • ₹44,900 की बेसिक सैलरी करीब ₹86,208 हो सकती है।
  • ₹56,100 की बेसिक सैलरी बढ़कर लगभग ₹1,07,712 हो सकती है।

ध्यान रहे कि यह केवल संभावित गणना है। अंतिम वेतन सरकार द्वारा तय किए गए फिटमेंट फैक्टर और अन्य भत्तों पर निर्भर करेगा।

आखिर 1.92 फैक्टर की संभावना क्यों जताई जा रही है?

1 जनवरी 2026 से केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA) लगभग 60% तक पहुंचने का अनुमान है और इसके बाद भी एक और डीए संशोधन संभव माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कुल वेतन वृद्धि करीब 18% के आसपास रखी जाती है, तो फिटमेंट फैक्टर को 2.0 से ऊपर ले जाने के बजाय 1.90 से 1.92 के बीच रखा जा सकता है। इससे सरकार पर वित्तीय बोझ भी नियंत्रित रहेगा।

7वें वेतन आयोग में कितना बढ़ा था वेतन?

अगर पिछले वेतन आयोगों का रिकॉर्ड देखें, तो दूसरे से लेकर 7वें वेतन आयोग तक कर्मचारियों के वेतन में औसतन करीब 27% की वृद्धि हुई थी। वहीं 7वें वेतन आयोग ने बेसिक वेतन में 14.27% बढ़ोतरी की सिफारिश की थी।

इसी आधार पर माना जा रहा है कि 8वें वेतन आयोग में भी वेतन वृद्धि होगी, लेकिन यह कितनी होगी, इसका अंतिम फैसला सरकार और वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद ही स्पष्ट होगा।

क्या 24% तक वेतन वृद्धि संभव है?

कुछ रिपोर्टों में 24% तक वेतन बढ़ने की संभावना भी जताई गई है। यदि ऐसा होता है, तो फिटमेंट फैक्टर 1.92 से अधिक हो सकता है। हालांकि, फिलहाल अधिकांश विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा आर्थिक हालात को देखते हुए इतनी बड़ी बढ़ोतरी की संभावना सीमित है।

निष्कर्ष

8वें वेतन आयोग को लेकर अभी अंतिम घोषणा नहीं हुई है, लेकिन मौजूदा अनुमानों के अनुसार 1.90 से 1.92 फिटमेंट फैक्टर सबसे मजबूत संभावना माना जा रहा है। यदि ऐसा होता है, तो केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक और ग्रॉस सैलरी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि, वास्तविक वेतन वृद्धि का आंकड़ा सरकार की आधिकारिक घोषणा और वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशों के बाद ही तय होगा।

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