Gold Price Today: सोना-चांदी में जबरदस्त उछाल, रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे दाम! आगे और महंगा होगा गोल्ड?

Saroj kanwar
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भारतीय सर्राफा बाजार में बुधवार, 21 मई 2025 को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का भाव एक बार फिर नई ऊंचाई पर पहुंच गया, जिससे निवेशकों और खरीदारों की नजरें बाजार पर टिक गई हैं। लगातार बढ़ती कीमतों के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह तेजी आगे भी जारी रहेगी या फिर बाजार में कुछ राहत देखने को मिलेगी।

आज का सोने का भाव

बुधवार सुबह करीब 10:08 बजे तक MCX पर 24 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम 509 रुपये की बढ़त के साथ 95,344 रुपये पर कारोबार करता नजर आया। कारोबार के दौरान सोने ने 95,379 रुपये प्रति 10 ग्राम का उच्च स्तर भी छुआ।

हाल के दिनों में सोने की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। कुछ समय पहले तक जहां इसका भाव करीब 91,000 रुपये प्रति 10 ग्राम था, वहीं अब यह रिकॉर्ड स्तर के आसपास पहुंच चुका है। सुबह लगभग 10:05 बजे सोना करीब 0.54 प्रतिशत की मजबूती के साथ कारोबार कर रहा था।

चांदी की कीमतों में भी तेजी

सोने के साथ-साथ चांदी के दाम में भी मजबूती दर्ज की गई। बुधवार को MCX पर चांदी का भाव 97,447 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया। कारोबार के दौरान इसने 97,654 रुपये प्रति किलोग्राम का उच्चतम स्तर भी छुआ, जो बाजार में मजबूत मांग और सीमित सप्लाई का संकेत देता है।

सरकार ने बदले सोने के आयात नियम

सरकार ने 19 मई को सोने के आयात से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किए हैं। नए प्रावधानों के अनुसार अब केवल भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), डीजीएफटी (DGFT) द्वारा नामित एजेंसियां और भारत-यूएई व्यापार समझौते के तहत टैरिफ रेट कोटा (TRQ) धारक ही सोने का आयात कर सकेंगे।

इसके अलावा सरकार ने चांदी और प्लैटिनम के आयात पर भी सख्ती बढ़ाने के लिए नए नियम लागू किए हैं। इन बदलावों का उद्देश्य आयात प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना और नियमों के दुरुपयोग पर रोक लगाना है।

क्या आगे भी बढ़ सकते हैं सोने-चांदी के दाम?

कमोडिटी बाजार के जानकारों का मानना है कि नए आयात नियमों का असर घरेलू बाजार की सप्लाई पर पड़ सकता है। केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के अनुसार, सरकार का उद्देश्य कीमती धातुओं के आयात को बेहतर तरीके से ट्रैक करना और रियायती शुल्क का गलत फायदा उठाने से रोकना है।

उनका कहना है कि आयात के सीमित चैनलों के कारण बाजार में सोने और चांदी की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। यदि ऐसा होता है, तो आने वाले समय में दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है।

निवेशकों के लिए क्या संकेत?

अगर आप सोने या चांदी में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो बाजार की चाल और सरकारी नीतियों पर नजर बनाए रखना जरूरी है। वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां, डॉलर की चाल, ब्याज दरों में बदलाव और घरेलू आयात नीति जैसे कारक आने वाले दिनों में सोने-चांदी की कीमतों की दिशा तय करेंगे। इसलिए निवेश से पहले विशेषज्ञों की सलाह लेना बेहतर विकल्प हो सकता है।

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