8वां वेतन आयोग: ₹18,000 बेसिक सैलरी बढ़कर ₹33,000 हो सकती है, जानें पूरा अपडेट

Saroj kanwar
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8th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं लगातार तेज हो रही हैं। सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि नया वेतन आयोग लागू होने के बाद उनकी बेसिक सैलरी और पेंशन में कितना इजाफा होगा। इस पूरी प्रक्रिया में सबसे अहम भूमिका फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) की मानी जा रही है, क्योंकि इसी के आधार पर नई बेसिक सैलरी तय होगी।

क्या होता है फिटमेंट फैक्टर?

फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक (Multiplier) है, जिसकी मदद से 7वें वेतन आयोग के तहत मिलने वाली मौजूदा बेसिक सैलरी को 8वें वेतन आयोग की नई बेसिक सैलरी में बदला जाता है।

इसका फॉर्मूला बेहद आसान है—

नई बेसिक सैलरी = वर्तमान बेसिक सैलरी × फिटमेंट फैक्टर

यही कारण है कि कर्मचारी संगठनों की सबसे बड़ी मांग फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की है।

कर्मचारी संगठनों की क्या है मांग?

केंद्रीय कर्मचारी यूनियनें 8वें वेतन आयोग में 3.83 फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग कर रही हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार वित्तीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए अपेक्षाकृत कम फिटमेंट फैक्टर तय कर सकती है।

यदि सरकार केवल 1.83 फिटमेंट फैक्टर भी लागू करती है, तो न्यूनतम बेसिक वेतन 18,000 रुपये से बढ़कर लगभग 32,940 रुपये तक पहुंच सकता है।

7वें वेतन आयोग में क्या हुआ था?

7वें वेतन आयोग के दौरान सरकार ने 2.57 फिटमेंट फैक्टर लागू किया था। इसके बाद कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो गई थी।

चूंकि महंगाई भत्ता (DA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और कई अन्य भत्तों की गणना बेसिक सैलरी के आधार पर होती है, इसलिए बेसिक वेतन बढ़ने से कुल मासिक आय में भी बड़ा इजाफा हो जाता है।

1.83 फिटमेंट फैक्टर लागू होने पर कितनी होगी बेसिक सैलरी?

यदि 8वें वेतन आयोग में न्यूनतम 1.83 फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाता है, तो विभिन्न पे-लेवल पर संभावित बेसिक वेतन इस प्रकार हो सकता है—

  • लेवल-1: 18,000 रुपये से बढ़कर लगभग 32,940 रुपये
  • लेवल-2: 19,900 रुपये से बढ़कर करीब 36,417 रुपये
  • लेवल-6: 35,400 रुपये से बढ़कर लगभग 64,782 रुपये
  • लेवल-10: 56,100 रुपये से बढ़कर 1.02 लाख रुपये से अधिक

अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर पर कितनी बढ़ सकती है सैलरी?

यदि सरकार अधिक फिटमेंट फैक्टर लागू करती है, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में और बड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है।

  • लेवल-1 (18,000 रुपये):
    • 2x पर – 36,000 रुपये
    • 2.5x पर – 45,000 रुपये
    • 3x पर – 54,000 रुपये
  • लेवल-4 (25,500 रुपये):
    • 2x पर – 51,000 रुपये
    • 2.5x पर – 63,750 रुपये
    • 3x पर – 76,500 रुपये
  • लेवल-7 (44,900 रुपये):
    • 2x पर – 89,800 रुपये
    • 2.5x पर – 1,12,250 रुपये
    • 3x पर – 1,34,700 रुपये
  • लेवल-13 (1,23,100 रुपये):
    • 2x पर – 2,46,200 रुपये
    • 2.5x पर – 3,07,750 रुपये
    • 3x पर – 3,69,300 रुपये

पेंशनभोगियों को भी मिलेगा लाभ

8वें वेतन आयोग का असर केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा। यदि 1.83 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो वर्तमान 9,000 रुपये की न्यूनतम पेंशन बढ़कर लगभग 16,470 रुपये हो सकती है। यदि अंतिम फिटमेंट फैक्टर इससे अधिक तय किया जाता है, तो पेंशन में भी उसी अनुपात में वृद्धि होगी।

क्या 1.83 ही रहेगा अंतिम फिटमेंट फैक्टर?

विशेषज्ञों और कर्मचारी संगठनों का मानना है कि 1.83 फिटमेंट फैक्टर केवल न्यूनतम अनुमान है। महंगाई, जीवन-यापन की बढ़ती लागत और कर्मचारियों की मांग को देखते हुए अंतिम फिटमेंट फैक्टर इससे अधिक भी हो सकता है।

फिलहाल 8वां वेतन आयोग विभिन्न शहरों में कर्मचारियों और संबंधित पक्षों से सुझाव लेकर अपनी रिपोर्ट तैयार कर रहा है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद इसे केंद्र सरकार और फिर केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

अंतिम फैसला सरकार करेगी

फिटमेंट फैक्टर को लेकर अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। अंतिम निर्णय देश की आर्थिक स्थिति, सरकारी वित्तीय क्षमता और बजट पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखते हुए लिया जाएगा। इसलिए कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की वास्तविक सैलरी एवं पेंशन में कितना इजाफा होगा, इसकी स्पष्ट तस्वीर सरकार के अंतिम फैसले के बाद ही सामने आएगी।

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