इन दिनों सोशल मीडिया पर पुराने भारतीय करेंसी नोटों को लेकर एक फर्जी दावा तेजी से फैल रहा है। कई वायरल पोस्ट और मैसेज में कहा जा रहा है कि 30 जून के बाद कुछ पुराने नोट चलना बंद हो जाएंगे, जिसके बाद लोगों में भ्रम और चिंता बढ़ गई है। खासकर ₹10, ₹20, ₹50 और ₹100 के नोटों को लेकर लोग यह सोचने लगे हैं कि क्या उन्हें तुरंत बैंक में बदलवाना जरूरी है।
हालांकि, इस पूरे मामले में आधिकारिक संस्थाओं ने स्थिति साफ कर दी है और वायरल दावों को पूरी तरह गलत बताया है।
📢 बैंक के नाम पर फैलाया गया फर्जी नोटिस
वायरल संदेश में कथित तौर पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र का लोगो लगाकर यह दावा किया गया कि पुराने महात्मा गांधी सीरीज के नोट बंद किए जा रहे हैं। इस तरह के मैसेज को देखकर कई लोग इसे असली सरकारी आदेश समझ बैठे।
लेकिन यह दावा पूरी तरह भ्रामक और फर्जी निकला।
🧾 PIB Fact Check ने किया खुलासा
Press Information Bureau Fact Check ने इस वायरल दावे की जांच के बाद स्पष्ट किया कि पुराने ₹10, ₹20, ₹50 और ₹100 के नोटों को बंद करने का कोई भी फैसला सरकार या RBI की ओर से नहीं लिया गया है।
PIB ने साफ कहा कि यह संदेश पूरी तरह झूठा और बिना किसी आधिकारिक आधार के फैलाया जा रहा है।
🏦 बैंक ऑफ महाराष्ट्र की सफाई
Bank of Maharashtra ने भी आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि उसके नाम से फैलाया जा रहा नोटिस फर्जी है। बैंक ने ग्राहकों से अपील की कि वे केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें और सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों से दूर रहें।
🇮🇳 RBI का स्पष्ट बयान क्या कहता है?
Reserve Bank of India के अनुसार, 2005 से पहले छपे ₹10, ₹20, ₹50 और ₹100 के नोट आज भी पूरी तरह वैध हैं। RBI ने केवल समय-समय पर बेहतर सुरक्षा फीचर्स वाले नए नोट लाने की सलाह दी है, लेकिन किसी भी पुराने नोट को बंद करने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।
📉 2016 जैसी नोटबंदी की अफवाह क्यों फैली?
2016 में हुई नोटबंदी के दौरान ₹500 और ₹1000 के नोट अचानक बंद कर दिए गए थे। इसी वजह से लोग इस तरह की नई खबरों पर जल्दी विश्वास कर लेते हैं। लेकिन इस बार सरकार और RBI दोनों ने साफ कर दिया है कि ऐसी किसी भी नोटबंदी की योजना नहीं है।
⚠️ ऐसे फर्जी मैसेज से कैसे बचें?
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी बैंकिंग या करेंसी से जुड़ी खबर को बिना जांचे शेयर न करें। हमेशा भरोसेमंद स्रोत जैसे RBI, बैंक या PIB Fact Check की आधिकारिक जानकारी ही देखें।
👉 निष्कर्ष: पुराने नोट पूरी तरह वैध हैं और उन्हें लेकर चल रही अफवाहें केवल सोशल मीडिया पर फैलाई गई गलत जानकारी हैं।