पुणे के चर्चित मामले में वडगांव मावल कोर्ट में सुनवाई के दौरान उस समय नया विवाद खड़ा हो गया जब आरोपी सिया गोयल ने अदालत में कहा कि उनके वकील आशुतोष श्रीवास्तव नहीं, बल्कि विपुल दुशिंग हैं। इस बयान के बाद मामले ने कानूनी तूल पकड़ लिया है।
एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव का आरोप है कि साहिल गोयल ने उनके खिलाफ झूठे, निराधार और मानहानिकारक आरोप लगाए हैं, जिससे उनकी पेशेवर छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा है। इसी आधार पर उन्होंने 10 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग करते हुए कानूनी नोटिस जारी किया है।
नोटिस में यह भी शर्त रखी गई है कि साहिल गोयल अपने सभी आरोप वापस लें, सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और भविष्य में ऐसे बयान न देने का लिखित आश्वासन दें। अब इस नोटिस पर साहिल गोयल की प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
कोर्ट ने बढ़ाई हिरासत अवधि
इधर, अदालत ने मुख्य आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी की पुलिस हिरासत 3 जुलाई तक बढ़ा दी है। पुणे पुलिस ने अदालत को बताया कि चेतन चौधरी का ‘गेट एनालिसिस’ (Gait Analysis) कराया जाएगा, जिससे उसकी चाल की तुलना किले के CCTV फुटेज में दिखे संदिग्ध व्यक्ति से की जा सके।
CCTV में संदिग्ध की पहचान पर जांच
वारदात के दिन 18 जून को लोहागढ़ किले की पहाड़ी पर हुडी और मास्क पहने एक व्यक्ति देखा गया था, जिसने कथित तौर पर किले का टिकट भी नहीं लिया था। चेहरा ढका होने के कारण CCTV फुटेज से उसकी पहचान स्पष्ट नहीं हो पाई।
फॉरेंसिक जांच पर फोकस
पुलिस ने अदालत को बताया है कि आरोपी किले पर मौजूदगी स्वीकार कर चुके हैं, लेकिन अब वैज्ञानिक और फॉरेंसिक साक्ष्यों के जरिए तथ्यों को मजबूत किया जा रहा है। गेट एनालिसिस के तहत विशेषज्ञ आरोपी की चाल, शरीर की बनावट और मूवमेंट का मिलान CCTV फुटेज से करेंगे।
इसके अलावा पुलिस लोहागढ़ किले पर घटनास्थल की पुष्टि, री-क्रिएशन और केतन अग्रवाल के लापता पासपोर्ट की तलाश जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच भी कर रही है। अदालत ने इन्हीं कारणों से 3 जुलाई तक पुलिस रिमांड बढ़ा दी है।