शताब्दी एक्सप्रेस, जिसे भारतीय रेलवे की सबसे प्रीमियम और सुरक्षित ट्रेनों में गिना जाता है, उसमें हाल ही में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। एक शख्स खुद को फर्जी TTE (ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर) बताकर यात्रियों की टिकट जांच कर रहा था और उनसे कथित तौर पर जुर्माने के नाम पर पैसे भी वसूल रहा था। लेकिन असली टीटीई के सामने आते ही उसका पूरा खेल खत्म हो गया।
कैसे सामने आया फर्जी TTE का मामला?
जानकारी के मुताबिक, दुर्गेश कुमार नाम का यह व्यक्ति शताब्दी एक्सप्रेस के कोच में टीटीई बनकर घूम रहा था। वह यात्रियों से टिकट चेक करता और बिना टिकट यात्रियों से पेनल्टी के नाम पर पैसे वसूलता था। यात्रियों को शुरुआत में शक नहीं हुआ क्योंकि वह पूरी तरह टीटीई जैसा व्यवहार कर रहा था।
यह घटना तब सामने आई जब आशीष पासवान नाम के एक यात्री ने इसका वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर साझा किया। वीडियो में देखा गया कि आरोपी ट्रेन के अंदर यात्रियों के टिकट जांच रहा था।
अलीगढ़ स्टेशन पर हुआ बड़ा खुलासा
बताया जा रहा है कि यह मामला उस समय और गंभीर हो गया जब ट्रेन अलीगढ़ स्टेशन पहुंची। इसी दौरान कोच C-11 में आरोपी चढ़ा और खुद को टीटीई बताकर जांच शुरू कर दी।
इसी बीच संयोग से उसी कोच में असली टीटीई भी मौजूद थे। जब दोनों आमने-सामने आए तो फर्जी टीटीई की असलियत तुरंत सामने आ गई। असली टीटीई को शक होते ही उन्होंने तुरंत रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को सूचना दी।
RPF की कार्रवाई और गिरफ्तारी
सूचना मिलते ही RPF मौके पर पहुंची और आरोपी से सख्ती से पूछताछ की गई। जांच के दौरान उसके पास से एक आईडी कार्ड भी बरामद हुआ, जिससे उसकी पहचान और संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि हुई। इसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया।
यात्रियों में फैली सतर्कता की भावना
इस घटना के बाद यात्रियों के बीच सतर्कता बढ़ गई है। सोशल मीडिया पर लोग लगातार यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर आम यात्री कैसे पहचानें कि सामने मौजूद टीटीई असली है या नकली।
कई यूजर्स ने सलाह दी कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की तुरंत सूचना रेलवे हेल्पलाइन या RPF को देनी चाहिए।
असली और फर्जी TTE की पहचान कैसे करें?
रेलवे यात्रियों की सुरक्षा के लिए कुछ जरूरी बातें ध्यान में रखनी चाहिए:
- असली टीटीई हमेशा अपना वैध पहचान पत्र (ID कार्ड) दिखाता है
- उनकी वर्दी पर नाम, पद और कई बार डिवीजन की जानकारी भी होती है
- किसी भी जुर्माने या पेनल्टी का भुगतान केवल आधिकारिक रसीद पर ही करें
- शक होने पर रेलवे की हेल्पलाइन 139 या Rail Madad ऐप से तुरंत पुष्टि करें
- संदिग्ध स्थिति में सह-यात्रियों की मदद लेकर RPF को सूचित करें
निष्कर्ष
शताब्दी एक्सप्रेस में सामने आया यह मामला यात्रियों के लिए एक बड़ा सबक है कि यात्रा के दौरान सतर्क रहना बेहद जरूरी है। रेलवे सुरक्षा प्रणाली मजबूत होने के बावजूद, ऐसे फर्जीवाड़े से बचने के लिए यात्रियों की जागरूकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।