8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारियों की सैलरी और भत्तों में संभावित बढ़ोतरी पर लगातार चर्चा तेज हो रही है। इस बार सबसे ज्यादा ध्यान “फैमिली यूनिट” की परिभाषा पर दिया जा रहा है, जिसे लेकर विभिन्न कर्मचारी संगठन इसे 3 से बढ़ाकर 5 करने की मांग कर रहे हैं। अगर यह बदलाव स्वीकार किया जाता है, तो केंद्रीय कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन में बड़ा संशोधन देखने को मिल सकता है।
परिवार की जरूरतों को लेकर बदलती सोच पर जोर
BankBazaar के सीईओ आदिल शेट्टी का मानना है कि वेतन निर्धारण में फैमिली यूनिट का अहम रोल होता है, क्योंकि यही किसी परिवार की वास्तविक जरूरतों को दर्शाता है। वर्तमान में इसे 3.0 माना जाता है, जिसमें पति-पत्नी और दो बच्चे शामिल होते हैं।
लेकिन आज के समय में कर्मचारी सिर्फ अपने बच्चों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि माता-पिता और अन्य आश्रितों की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। ऐसे में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजमर्रा के खर्चों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।
अगर फैमिली यूनिट बढ़ती तो कितना असर होता?
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि 7वें वेतन आयोग के दौरान फैमिली यूनिट को 4.6 माना गया होता और इसमें माता-पिता को भी शामिल किया जाता, तो न्यूनतम मूल वेतन ₹18,000 की जगह बढ़कर लगभग ₹27,600 तक पहुंच सकता था।
इसी आधार पर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यदि 8वें वेतन आयोग में फैमिली यूनिट को बढ़ाया जाता है, तो बेसिक सैलरी में और भी ज्यादा वृद्धि संभव है। यही कारण है कि कर्मचारी संगठन लंबे समय से इस बदलाव की मांग कर रहे हैं।
देशभर में चल रही हैं बैठकें
8वें वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों और पेंशनर्स की जरूरतों को समझने के लिए अलग-अलग राज्यों में बैठकें आयोजित की जा रही हैं। अब तक दिल्ली, लखनऊ और जम्मू-कश्मीर में चर्चाएं पूरी हो चुकी हैं। आगे पश्चिम बंगाल और भुवनेश्वर में भी बैठकें प्रस्तावित हैं।
डीए (Dearness Allowance) में संभावित बदलाव
केंद्र सरकार कर्मचारियों और पेंशनर्स को महंगाई से राहत देने के लिए साल में दो बार महंगाई भत्ता (DA) संशोधित करती है—जनवरी और जुलाई में।
डीए की गणना मुख्य रूप से औद्योगिक श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) के आधार पर की जाती है। अंतिम दर तय होने के बाद इसे कैबिनेट की मंजूरी दी जाती है।
फिलहाल, 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू नहीं हुई हैं, इसलिए डीए में संशोधन अभी 7वें वेतन आयोग के नियमों के तहत ही किया जा रहा है।
महंगाई के ताजा आंकड़े क्या संकेत देते हैं?
हाल ही के आंकड़ों के अनुसार, मई में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.93% तक पहुंच गई, जो अप्रैल में 3.48% थी।
- ग्रामीण महंगाई: 3.74% से बढ़कर 4.25%
- शहरी महंगाई: 3.16% से बढ़कर 3.53%
इसके अलावा, खाद्य महंगाई भी बढ़ी है। मई में खाद्य मुद्रास्फीति 4.78% दर्ज की गई, जो अप्रैल में 4.20% थी। ग्रामीण क्षेत्रों में यह 4.85% और शहरी क्षेत्रों में 4.66% तक पहुंच गई।
क्या आगे बढ़ेगा डीए?
महंगाई और खाद्य कीमतों में बढ़ोतरी यह संकेत देती है कि रोजमर्रा की जरूरी चीजों की लागत पर दबाव बना हुआ है। हालांकि डीए की गणना सीधे CPI-IW से होती है, लेकिन मौजूदा ट्रेंड यह दिखाता है कि आगे एक और डीए बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है।