सोशल मीडिया पर इन दिनों एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार ने देश के तीन बड़े सरकारी बैंकों—Punjab National Bank (PNB), Canara Bank और State Bank of India (SBI)—के विलय को मंजूरी दे दी है। इस खबर के सामने आने के बाद लोगों के बीच भ्रम और चर्चा का माहौल बन गया है।
हालांकि, इस दावे को पूरी तरह गलत बताते हुए Press Information Bureau (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने स्पष्ट किया है कि सरकार की ओर से ऐसा कोई निर्णय या प्रस्ताव मंजूर नहीं किया गया है।
वायरल दावा क्या है?
सोशल मीडिया पर एक कथित खबर या इमेज शेयर की जा रही है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि सरकार ने तीनों बड़े सरकारी बैंकों के मर्जर को मंजूरी दे दी है। दावा यह भी करता है कि इस कदम से देश का सबसे बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक बनने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
लेकिन जांच के बाद PIB ने इसे फर्जी और भ्रामक बताया है।
PIB फैक्ट चेक का खुलासा
PIB Fact Check ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि वायरल हो रही तस्वीर और खबर पूरी तरह झूठी है। इसमें दिखाया गया दावा किसी भी आधिकारिक सरकारी घोषणा या वास्तविक समाचार का हिस्सा नहीं है।
PIB ने साफ किया है कि भारत सरकार ने PNB, Canara Bank और SBI के विलय को लेकर न तो कोई मंजूरी दी है और न ही इस तरह का कोई प्रस्ताव वर्तमान में स्वीकृत है। वायरल इमेज को एडिटेड और फर्जी बताया गया है।
लोगों के लिए सलाह
PIB ने नागरिकों से अपील की है कि बैंकिंग या वित्तीय मामलों से जुड़ी किसी भी जानकारी को बिना जांचे साझा न करें। केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।
सही जानकारी के लिए निम्न माध्यमों का उपयोग किया जा सकता है:
- RBI की आधिकारिक वेबसाइट: rbi.org.in
- PIB Fact Check व्हाट्सएप नंबर: +91 8799711259
- ईमेल: factcheck@pib.gov.in
निष्कर्ष
सोशल मीडिया पर फैल रही बैंक मर्जर की यह खबर पूरी तरह फर्जी है। सरकार की ओर से इस तरह का कोई भी निर्णय नहीं लिया गया है। ऐसे में जरूरी है कि किसी भी वायरल सूचना पर भरोसा करने से पहले उसकी पुष्टि जरूर की जाए।