आज भारत में सोने के दामों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। 24 कैरेट सोना ₹14,013 प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोना ₹12,845 प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोना ₹10,510 प्रति ग्राम पर कारोबार कर रहा है। यह जानकारी Good Returns के अनुसार है।
सोने की नई कीमतें (30 जून 2026)
आज के ताजा रेट के मुताबिक:
- 24 Carat Gold (10 ग्राम): ₹14,013 प्रति ग्राम
- 22 Carat Gold (10 ग्राम): ₹12,845 प्रति ग्राम
- 18 Carat Gold (10 ग्राम): ₹10,510 प्रति ग्राम
पिछले दिन की तुलना में 24K सोने में लगभग ₹180 प्रति ग्राम की गिरावट देखी गई है। वहीं 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के दामों में क्रमशः करीब ₹165 और ₹135 की कमी दर्ज की गई है।
सोने की कीमतों में गिरावट की वजह क्या है?
हाल ही में सरकार द्वारा सोने और चांदी पर बेसिक कस्टम ड्यूटी 5% से बढ़ाकर 10% किए जाने के बाद बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। हालांकि, वैश्विक परिस्थितियों में तनाव कम होने के कारण सोने के दामों में नरमी बनी हुई है।
वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक हालात और मांग-आपूर्ति के बदलाव भी सोने की कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं, जिससे रोजाना प्राइस में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
अमेरिका-ईरान तनाव और वैश्विक घटनाक्रम
ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच कतर में बातचीत की संभावना जताई गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि दोनों देशों के अधिकारी मंगलवार को दोहा में मिल सकते हैं। हालांकि, ईरान की ओर से इन वार्ताओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि उनका प्रतिनिधिमंडल केवल फ्रीज्ड एसेट्स की वापसी से जुड़े मामलों के लिए कतर गया है।
पश्चिम एशिया में हालात और बाजार पर असर
जून 2026 में अमेरिका और ईरान के बीच एक अस्थायी शांति समझौते के बाद क्षेत्रीय तनाव कुछ हद तक कम हुआ है। 18 जून 2026 को हुए इस समझौते के तहत 60 दिनों के लिए सीजफायर को बढ़ाया गया है।
हालांकि तनाव कम हुआ है, फिर भी वैश्विक अनिश्चितता के कारण निवेशक सुरक्षित विकल्प के रूप में सोने को प्राथमिकता दे रहे हैं। यही वजह है कि सोने के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेतों के आधार पर लगातार बदलते रहते हैं।
तेल बाजार और सोने की कीमतों का संबंध
पहले पश्चिम एशिया में तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण व्यापार मार्गों में बाधा के कारण कच्चे तेल और कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी देखी गई थी।
अब जब यह व्यापार मार्ग फिर से सामान्य रूप से काम कर रहा है, तो कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता आई है। इसका असर सोने और चांदी की कीमतों पर भी पड़ा है और धीरे-धीरे इनमें गिरावट देखने को मिल रही है।
निष्कर्ष
वैश्विक तनाव में कमी, कस्टम ड्यूटी में बदलाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार के स्थिर होने के कारण सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। निवेशकों के लिए यह समय सावधानी से बाजार को समझने का है, क्योंकि आने वाले दिनों में भी सोने के दाम बदल सकते हैं।