जून का महीना सोना और चांदी के बाजार के लिए कमजोर साबित हो रहा है। पूरे महीने दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। रोजाना भाव टूटने के कारण सोना और चांदी अपने हालिया उच्च स्तरों से काफी नीचे आ गए हैं, जिससे बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है। इसी वजह से निवेशक सुरक्षित निवेश (safe haven) माने जाने वाले सोने से दूरी बनाते दिख रहे हैं।
जून महीने में सोने की कीमतों में लगातार कमजोरी दर्ज की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गिरावट का असर घरेलू बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। चांदी के दाम भी इसी ट्रेंड को फॉलो करते हुए नीचे आए हैं, जिससे सर्राफा कारोबार सुस्त पड़ गया है।
जानकारों का कहना है कि फिलहाल बाजार में खरीदारी की तुलना में बिकवाली का दबाव ज्यादा है, जिसके चलते कीमतों में लगातार गिरावट बनी हुई है। हालांकि, इस गिरावट को कुछ निवेशक खरीदारी के अवसर के रूप में भी देख रहे हैं।
कुल मिलाकर, जून महीना सोना-चांदी के लिए कमजोरी भरा रहा है और आने वाले दिनों में कीमतों की दिशा वैश्विक संकेतों और आर्थिक नीतियों पर निर्भर करेगी।