Stock Market Crash: एशियाई बाजारों में हड़कंप, भारी गिरावट के बाद ट्रेडिंग रोकनी पड़ी, जानें वजह

Saroj kanwar
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Global Stock Market Crash: 26 जून 2026 को एशियाई शेयर बाजारों में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। सबसे ज्यादा असर दक्षिण कोरिया के बाजार पर पड़ा, जहां हालात इतने खराब हो गए कि एक्सचेंज को कुछ समय के लिए ट्रेडिंग रोकनी पड़ी। यह सिर्फ एक दिन की सामान्य गिरावट नहीं थी, बल्कि इसके पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बढ़ता खर्च, अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और टेक शेयरों में तेज मुनाफावसूली जैसे कई बड़े कारण एक साथ जिम्मेदार रहे।

भारत में बाजार बंद, लेकिन गिफ्ट निफ्टी में बड़ी कमजोरी

शनिवार को भारतीय शेयर बाजार अवकाश के कारण बंद रहे। हालांकि खबर लिखे जाने तक गिफ्ट निफ्टी में करीब 150 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 24,000 के स्तर से नीचे कारोबार करता दिखाई दिया। इससे संकेत मिल रहे हैं कि अगले कारोबारी सत्र में भारतीय बाजार भी दबाव में खुल सकते हैं।

दक्षिण कोरिया के बाजार में सबसे ज्यादा गिरावट

शुक्रवार को कारोबार शुरू होते ही दक्षिण कोरिया का कोस्पी (KOSPI) इंडेक्स भारी बिकवाली की चपेट में आ गया। शुरुआती कारोबार में यह करीब 6 फीसदी गिरा और कुछ ही समय में नुकसान 8 फीसदी से अधिक हो गया। हालात बिगड़ने पर दक्षिण कोरियाई एक्सचेंज को सर्किट ब्रेकर लागू करना पड़ा, जिसके चलते लगभग 20 मिनट तक ट्रेडिंग रोक दी गई।

सिर्फ इतना ही नहीं, स्मॉलकैप कंपनियों वाला कोसडैक (KOSDAQ) इंडेक्स भी 5 फीसदी से ज्यादा टूट गया।

Samsung और SK Hynix बने गिरावट की बड़ी वजह

दक्षिण कोरिया की दिग्गज टेक कंपनियां Samsung Electronics और SK Hynix इस बिकवाली के केंद्र में रहीं। Samsung का शेयर 8 फीसदी से ज्यादा टूट गया, जबकि SK Hynix में 9 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।

दोनों कंपनियां AI और मेमोरी चिप इंडस्ट्री की प्रमुख खिलाड़ी हैं, लेकिन AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते खर्च को लेकर निवेशकों की चिंता ने इन शेयरों में भारी बिकवाली करा दी।

जापानी बाजार भी नहीं बच सके

दक्षिण कोरिया के साथ-साथ जापान के शेयर बाजारों पर भी दबाव देखने को मिला। निक्केई 225 इंडेक्स करीब 3.82 फीसदी फिसल गया, जबकि टॉपिक्स इंडेक्स में भी कमजोरी दर्ज की गई।

जापान की निवेश कंपनी SoftBank Group के शेयरों में एक समय 12 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई। इसके अलावा चिप टेस्टिंग कंपनी Advantest के शेयर 9 फीसदी से अधिक और Tokyo Electron के शेयर 3 फीसदी से ज्यादा टूट गए।

अमेरिका से शुरू हुई बिकवाली का असर एशिया तक पहुंचा

एशियाई बाजारों में आई इस गिरावट की शुरुआत अमेरिकी बाजार से हुई। गुरुवार को Apple के शेयर लगभग 6 फीसदी टूट गए। कंपनी ने iPad और MacBook समेत कई उत्पादों की कीमतें बढ़ाने का फैसला किया, जिसके बाद निवेशकों ने टेक शेयरों में बिकवाली तेज कर दी।

Microsoft के शेयर भी 3 फीसदी से ज्यादा फिसले। कंपनी ने Xbox गेमिंग कंसोल की कीमतें बढ़ाने की घोषणा की और इसकी वजह बढ़ती उत्पादन लागत को बताया। वहीं Alphabet और Meta Platforms के शेयर भी लाल निशान में बंद हुए।

लगातार चौथे दिन गिरा Nasdaq

अमेरिकी टेक शेयरों में कमजोरी का सबसे ज्यादा असर Nasdaq Composite इंडेक्स पर दिखाई दिया। यह 0.46 फीसदी गिरकर लगातार चौथे कारोबारी दिन नुकसान के साथ बंद हुआ। फरवरी के बाद पहली बार Nasdaq में लगातार चार दिनों तक गिरावट दर्ज की गई।

दूसरी ओर S&P 500 लगभग सपाट रहते हुए 0.01 फीसदी नीचे बंद हुआ, जबकि Dow Jones इंडेक्स 71.72 अंक यानी 0.14 फीसदी की बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहा। हेल्थकेयर, फाइनेंशियल और इंडस्ट्रियल सेक्टर में खरीदारी ने Dow Jones को सहारा दिया।

Micron के मजबूत नतीजे भी नहीं बदल पाए माहौल

AI मेमोरी चिप निर्माता Micron Technology ने उम्मीद से बेहतर तिमाही नतीजे पेश किए, लेकिन इसका बाजार पर सकारात्मक असर नहीं दिखा। Apple समेत अन्य बड़ी टेक कंपनियों में तेज बिकवाली के कारण निवेशकों का भरोसा कमजोर रहा और Micron के अच्छे प्रदर्शन का फायदा बाजार को नहीं मिल सका।

आखिर निवेशकों की चिंता क्या है?

विशेषज्ञों के अनुसार निवेशकों की सबसे बड़ी चिंता AI सेक्टर में लगातार बढ़ रहा निवेश है। AI डेटा सेंटर, हाई-परफॉर्मेंस चिप्स, सर्वर, मेमोरी और बिजली पर कंपनियों को भारी खर्च करना पड़ रहा है।

अब निवेशक यह आकलन कर रहे हैं कि क्या कंपनियां लंबे समय तक इतने बड़े निवेश को लाभदायक तरीके से जारी रख पाएंगी या नहीं। इसी अनिश्चितता ने टेक शेयरों पर दबाव बढ़ा दिया है।

फेड की ब्याज दरों ने भी बढ़ाई बेचैनी

AI से जुड़ी चिंताओं के अलावा अमेरिकी केंद्रीय बैंक Federal Reserve (Fed) की मौद्रिक नीति भी बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। बढ़ती महंगाई के कारण निवेशकों को आशंका है कि फेड ब्याज दरों को उम्मीद से ज्यादा समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है।

ऊंची ब्याज दरें कंपनियों की फंडिंग लागत बढ़ाती हैं और शेयर बाजार के लिए नकारात्मक मानी जाती हैं। यही वजह है कि वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है।

SoftBank पर अतिरिक्त दबाव

SoftBank के शेयरों में गिरावट की एक वजह Arm Holdings के शेयरों में अमेरिका में आई 3.2 फीसदी की कमजोरी भी रही। इसके अलावा ऐसी खबरें सामने आई हैं कि OpenAI अपने प्रस्तावित IPO को अगले साल तक टाल सकती है, क्योंकि 1 ट्रिलियन डॉलर के संभावित वैल्यूएशन पर पर्याप्त निवेश जुटाना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।

हालांकि Qualcomm और Meta के बीच AI डेटा सेंटर चिप्स को लेकर हुई संभावित साझेदारी को Arm के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। इसके बावजूद Qualcomm के CPU बाजार में तेजी से विस्तार करने से प्रतिस्पर्धा बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है।

पूरे सप्ताह बाजार का प्रदर्शन कैसा रहा?

अगर पूरे सप्ताह की बात करें तो Nasdaq Composite में अब तक करीब 4.4 फीसदी की गिरावट दर्ज की जा चुकी है। वहीं S&P 500 लगभग 1.9 फीसदी कमजोर हुआ है। इसके विपरीत Dow Jones इंडेक्स करीब 0.7 फीसदी की साप्ताहिक बढ़त बनाए रखने में सफल रहा।

अब किन आंकड़ों पर रहेगी निवेशकों की नजर?

आने वाले दिनों में निवेशकों का फोकस अमेरिका के दो अहम आर्थिक आंकड़ों पर रहेगा। इनमें मई महीने के शुरुआती होलसेल इन्वेंट्री डेटा और जून के यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन कंज्यूमर सेंटिमेंट के अंतिम आंकड़े शामिल हैं।

इन आंकड़ों से अमेरिकी अर्थव्यवस्था, उपभोक्ता खर्च और भविष्य में Federal Reserve की ब्याज दर नीति को लेकर महत्वपूर्ण संकेत मिल सकते हैं। यही वजह है कि वैश्विक निवेशकों की नजर अब इन आर्थिक रिपोर्ट्स पर टिकी हुई है।

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