कश्मीर में रेल यात्रा हुई और तेज, अब 100 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें

Saroj kanwar
3 Min Read

Indian Railways News: रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। कश्मीर घाटी में रेल सेवाओं को अधिक तेज, सुरक्षित और समयबद्ध बनाने के लिए उत्तरी रेलवे ने अहम फैसला लिया है। अब जम्मू मंडल के कश्मीर डिवीजन में स्थित बनिहाल-काजीगुंड सिंगल लाइन विद्युतीकृत रेलखंड पर ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटा से बढ़ाकर 100 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है।

इस फैसले से घाटी में यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को कम समय में अपनी मंजिल तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी। रेलवे का मानना है कि नई गति सीमा लागू होने से ट्रेन संचालन पहले की तुलना में अधिक सुचारु होगा और समय की भी बचत होगी।

17 किलोमीटर के सेक्शन में घटेगा सफर का समय

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, बनिहाल और काजीगुंड के बीच लगभग 17 किलोमीटर लंबे इस महत्वपूर्ण रेलखंड पर स्पीड बढ़ने से ट्रेनों का रनिंग टाइम कम होगा। इससे यात्रियों की यात्रा अधिक आरामदायक बनेगी और ट्रेनों के निर्धारित समय पर चलने की संभावना भी बढ़ेगी।

समय पर पहुंचेगी ट्रेनें

नई व्यवस्था लागू होने के बाद काजीगुंड, अनंतनाग और श्रीनगर जाने वाली ट्रेनों की समयपालन क्षमता में उल्लेखनीय सुधार आने की उम्मीद है। लंबे समय से ट्रेनों में होने वाली देरी की समस्या को कम करने के लिए यह कदम काफी प्रभावी माना जा रहा है। इससे रेलवे की परिचालन क्षमता भी बेहतर होगी।

बाढ़ में क्षतिग्रस्त पुलों का पुनर्निर्माण पूरा

इस बीच जम्मू-कश्मीर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई है। पिछले वर्ष आई बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुए रावी नदी और सहर खड्ड पर बने दो प्रमुख पुलों का पुनर्निर्माण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इन पुलों के दोबारा शुरू होने से पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच सड़क संपर्क पूरी तरह बहाल हो गया है।

अमरनाथ यात्रा से पहले मिली बड़ी राहत

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस कार्य के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले पुलों का पुनर्निर्माण पूरा होना श्रद्धालुओं और आम यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।

जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर ट्रैफिक होगा सुचारु

इन दोनों पुलों के चालू होने से जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर कठुआ और पठानकोट के बीच लगने वाले ट्रैफिक जाम में कमी आएगी। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जानकारी दी कि निर्धारित समयसीमा के भीतर पुलों का पुनर्निर्माण पूरा कर लिया गया है, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात पहले की तरह सुचारु रूप से संचालित हो सकेगा।

रावी नदी और सहर खड्ड पर बने इन पुलों की बहाली न केवल जम्मू-कश्मीर बल्कि पूरे उत्तर भारत के सड़क परिवहन नेटवर्क के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वहीं, कश्मीर घाटी में ट्रेनों की बढ़ी हुई रफ्तार यात्रियों को तेज, सुरक्षित और अधिक सुविधाजनक सफर का अनुभव देगी।

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *