LPG rule change: गुड न्यूज… LPG को लेकर सरकार का बड़ा एलान, आपके घरेलू रसोई गैस सिलेंडर पर क्या पड़ेगा इसका असर?

Saroj kanwar
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केंद्र सरकार ने नॉन-डोमेस्टिक एलपीजी (Non-Domestic LPG) की सप्लाई को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। अब सरकार ने सेक्टर-आधारित सभी प्रतिबंधों को समाप्त कर दिया है, जिससे कमर्शियल और इंडस्ट्रियल उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने जा रही है। इस फैसले के बाद होटल, रेस्टोरेंट, फैक्ट्रियां और अन्य व्यावसायिक इकाइयों को पहले जैसी नियमित गैस आपूर्ति फिर से मिल सकेगी।

वेस्ट एशिया संकट के बाद लगी पाबंदियां हटाई गईं

वेस्ट एशिया में तनाव बढ़ने के कारण एलपीजी सप्लाई प्रभावित हुई थी। उस समय घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतों को प्राथमिकता देने के लिए सरकार ने कमर्शियल और इंडस्ट्रियल सेक्टर पर कई तरह की पाबंदियां लागू कर दी थीं। अब सप्लाई स्थिति में सुधार आने के बाद इन सभी प्रतिबंधों को हटा दिया गया है और व्यवस्था को संकट से पहले के स्तर पर बहाल कर दिया गया है।

बल्क एलपीजी सप्लाई में भी आंशिक बहाली

सरकार ने सिर्फ पैक्ड नॉन-डोमेस्टिक एलपीजी ही नहीं, बल्कि बल्क एलपीजी सप्लाई में भी राहत दी है। पहले सीमित की गई बल्क गैस आपूर्ति को अब धीरे-धीरे बढ़ाया जा रहा है और इसे संकट-पूर्व खपत स्तर के लगभग 50 प्रतिशत तक बहाल किया गया है। इससे बड़े उद्योगों और भारी गैस उपयोग करने वाले व्यवसायों को काफी फायदा मिलेगा।

C3-C4 स्ट्रीम को लेकर नई व्यवस्था

संकट के समय सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत C3-C4 स्ट्रीम्स का उपयोग मुख्य रूप से घरेलू एलपीजी उत्पादन के लिए अनिवार्य कर दिया था। इसका उद्देश्य रसोई गैस की कमी को रोकना था।

अब स्थिति सामान्य होने और आयातित एलपीजी की उपलब्धता बेहतर होने के बाद सरकार ने इस डायवर्जन नीति में ढील देने का निर्णय लिया है। हालांकि, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि घरेलू एलपीजी की आपूर्ति पर कोई असर न पड़े।

घरेलू उपभोक्ताओं की सप्लाई सुरक्षित

सरकार ने स्पष्ट किया है कि C3-C4 गैसों का कुछ हिस्सा पेट्रोकेमिकल सेक्टर में बढ़ाने के बावजूद घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति स्थिर बनी रहेगी। इसके लिए रोजाना कम से कम 40 हजार मीट्रिक टन (40 TMT) घरेलू एलपीजी उत्पादन का लक्ष्य तय किया गया है, ताकि सिलेंडर की उपलब्धता पर कोई असर न पड़े।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल गिरावट से मिली मदद

इस फैसले के पीछे वैश्विक बाजार की स्थिति भी अहम रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है और ब्रेंट क्रूड लगभग 72 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिति सामान्य होने से सप्लाई चेन भी बेहतर हुई है।

इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने कमर्शियल और इंडस्ट्रियल एलपीजी उपभोक्ताओं पर लगी पाबंदियों को समाप्त करने का निर्णय लिया है, जिससे देश में व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

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