LPG: सरकार ने बड़ी पाबंदी हटाई, लोगों को मिलेगी राहत

Saroj kanwar
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देश में एलपीजी (LPG) आपूर्ति को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सामने आया है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट, छोटे उद्योगों और फैक्ट्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। केंद्र सरकार ने गैर-घरेलू पैक्ड एलपीजी (Non-Domestic Packed LPG) की सप्लाई पर लगाए गए लगभग सभी प्रतिबंध हटा दिए हैं, जो वेस्ट एशिया में बने हालात के दौरान लगाए गए थे।

अब औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को पहले की तरह नियमित रूप से एलपीजी गैस उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही बल्क एलपीजी सप्लाई को भी आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया है।


प्रतिबंध क्यों लगाए गए थे?

पिछले कुछ महीनों में पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई थी। इसका असर भारत में एलपीजी उपलब्धता पर भी पड़ा।

घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतों को प्राथमिकता देने के लिए सरकार ने उस समय गैर-घरेलू एलपीजी आपूर्ति पर अस्थायी रोक और सीमाएं लागू की थीं।

इसके तहत पेट्रोकेमिकल सेक्टर से मिलने वाले C3 और C4 हाइड्रोकार्बन स्ट्रीम्स को एलपीजी उत्पादन में डायवर्ट किया गया, ताकि देश में रसोई गैस की सप्लाई बिना बाधा के जारी रह सके।


अब स्थिति में सुधार, सप्लाई सामान्य

अब हालात में सुधार के साथ एलपीजी उत्पादन और आयात दोनों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एलपीजी कार्गो की उपलब्धता भी बेहतर हुई है।

इसी के चलते सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए गैर-घरेलू पैक्ड एलपीजी सप्लाई को पूरी तरह सामान्य करने और बल्क एलपीजी को लगभग 50% तक बहाल करने की घोषणा की है।


C3-C4 स्ट्रीम्स का पुनः आवंटन

सरकार अब C3 और C4 स्ट्रीम्स को धीरे-धीरे फिर से पेट्रोकेमिकल और अन्य जरूरी उद्योगों को आवंटित करने की योजना पर काम कर रही है।

इसके बावजूद यह सुनिश्चित किया जाएगा कि देश में एलपीजी उत्पादन कम से कम 40,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन बना रहे, ताकि घरेलू आपूर्ति पर कोई असर न पड़े।

इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी और नई रणनीति तैयार करने की जिम्मेदारी सेंटर फॉर हाई टेक्नोलॉजी (CHT) को सौंपी गई है।


PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) पर जोर

सरकार का फोकस अब पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के विस्तार पर भी है। जिन क्षेत्रों में PNG नेटवर्क उपलब्ध है, वहां धीरे-धीरे एलपीजी उपभोक्ताओं को PNG की ओर स्थानांतरित किया जाएगा।

PNG को अधिक सुरक्षित, पर्यावरण के अनुकूल और दीर्घकालिक ऊर्जा समाधान माना जा रहा है।


उद्योगों और छोटे व्यवसायों को लाभ

इस फैसले से होटल, रेस्टोरेंट, छोटे व्यवसायों और औद्योगिक इकाइयों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से चल रही गैस आपूर्ति की कमी अब काफी हद तक दूर हो सकती है।

सरकार का यह कदम ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ देश की आर्थिक गतिविधियों को गति देने में भी मदद करेगा।


निष्कर्ष

एलपीजी सप्लाई में आई यह ढील देश के वाणिज्यिक और औद्योगिक सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत है। उत्पादन और आयात में सुधार के साथ सरकार अब धीरे-धीरे ऊर्जा आपूर्ति को पूरी तरह सामान्य करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

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