Gold Price Today: MCX पर सोना 1% से ज्यादा टूटा, निवेशकों के लिए क्या होनी चाहिए अगली रणनीति?

Saroj kanwar
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बुधवार, 24 जून को घरेलू वायदा बाजार (MCX) में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। मजबूत अमेरिकी डॉलर और फेडरल रिजर्व की सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदों ने कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा दिया है, जिससे निवेशकों में सतर्कता देखने को मिली।

MCX पर सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट

सुबह 10:40 बजे के आसपास MCX पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना करीब 1.39% टूटकर ₹1,44,499 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया। वहीं, जुलाई डिलीवरी वाली चांदी भी 0.71% गिरकर ₹2,24,227 प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही थी।

डॉलर इंडेक्स में तेजी से बढ़ा दबाव

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 101.52 के स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले एक साल से अधिक का उच्चतम स्तर है। डॉलर की मजबूती के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में अन्य करेंसी रखने वाले खरीदारों के लिए सोना महंगा हो गया, जिससे इसकी मांग प्रभावित हुई।

17 जून के बाद से डॉलर इंडेक्स लगातार 100 के ऊपर बना हुआ है। बाजार में यह उम्मीद मजबूत हो रही है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व महंगाई को नियंत्रित करने के लिए इस साल के अंत तक ब्याज दरों में और बढ़ोतरी कर सकता है।

फेड नीति और महंगाई डेटा पर नजर

रॉयटर्स के अनुसार, CME FedWatch Tool संकेत दे रहा है कि इस साल अमेरिकी फेड द्वारा दरों में वृद्धि की संभावना बनी हुई है। बाजार फिलहाल तीन बार तक रेट बढ़ोतरी की उम्मीद जता रहा है।

अब निवेशकों की नजर गुरुवार को आने वाले अमेरिका के PCE महंगाई डेटा पर है, जो फेड की आगे की नीति दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

भू-राजनीतिक घटनाओं और कच्चे तेल का असर

US-ईरान शांति वार्ता में प्रगति के संकेतों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। इससे महंगाई का दबाव कुछ कम हुआ है, लेकिन बाजार अभी भी फेड की सख्त नीति की आशंका को ज्यादा तवज्जो दे रहा है।

विशेषज्ञों की राय

कामा ज्वेलरी के एमडी कॉलिन शाह के अनुसार, मौजूदा समय में सोना एक अस्थिर आर्थिक माहौल में ट्रेड कर रहा है। हालांकि साल की पहली छमाही में उतार-चढ़ाव के बाद दूसरी छमाही में सुधार की उम्मीद की जा सकती है, खासकर अगर वैश्विक स्तर पर स्थिरता बनती है।

उन्होंने यह भी बताया कि आमतौर पर अगस्त से अक्टूबर के बीच त्योहारों के सीजन के चलते सोने की मांग में बढ़ोतरी देखी जाती है, जिससे कीमतों को सपोर्ट मिल सकता है।

इंडसइंड सिक्योरिटीज के जिगर त्रिवेदी के मुताबिक, सख्त फेड नीति की उम्मीदों और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं ने सोने पर दबाव बनाया है। निवेशक अपने पोर्टफोलियो में नुकसान संतुलित करने के लिए गोल्ड होल्डिंग्स कम कर रहे हैं।

तकनीकी स्तर (Support-Resistance)

विशेषज्ञ मनोज कुमार जैन के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के लिए $4,040 और $4,089 प्रमुख सपोर्ट स्तर हैं, जबकि $4,185 और $4,220 पर रेजिस्टेंस देखा जा रहा है।

चांदी के लिए सपोर्ट $58.40 और $60 पर है, जबकि रेजिस्टेंस $63.60 और $65.20 पर बना हुआ है।

MCX पर सोने को ₹1,44,000 और ₹1,45,200 पर सपोर्ट मिल सकता है, जबकि ऊपर की ओर ₹1,47,200 और ₹1,48,100 पर रुकावट देखी जा रही है। चांदी के लिए ₹2,16,600 और ₹2,21,000 सपोर्ट स्तर हैं, जबकि ₹2,28,800 और ₹2,31,200 रेजिस्टेंस ज़ोन में हैं।

बाजार का कुल रुझान

सोना सात महीने के निचले स्तर की ओर फिसलता नजर आ रहा है, क्योंकि मजबूत डॉलर और सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदें बाजार पर भारी पड़ रही हैं। वहीं, ETF और इक्विटी मार्केट में कमजोरी ने भी निवेशकों को सुरक्षित निवेश से दूर किया है।

आने वाले दिनों में बाजार की दिशा मुख्य रूप से अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के रुख पर निर्भर करेगी।

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