सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव लगातार बना हुआ है। खासतौर पर मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर सराफा बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। हालांकि, इसी बीच लोगों ने निवेश और जरूरतों को पूरा करने का नया तरीका खोज लिया है। अब बड़ी संख्या में लोग गोल्ड लोन को बेहतर विकल्प मान रहे हैं और इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2026 में गोल्ड लोन सेक्टर ने रिकॉर्ड ग्रोथ दर्ज की है।
गोल्ड लोन कारोबार में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
Experian की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में नए गोल्ड लोन में करीब 115% की शानदार बढ़ोतरी देखने को मिली। नए गोल्ड लोन का आंकड़ा बढ़कर 7.6 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वहीं, कुल गोल्ड लोन AUM (एसेट अंडर मैनेजमेंट) में भी 47% का उछाल आया है और यह 11.9 लाख करोड़ रुपये हो गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि FY26 में गोल्ड लोन देश का सबसे तेजी से बढ़ने वाला सिक्योर्ड लोन सेक्टर बन चुका है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि गोल्ड लोन लेने की प्रक्रिया आसान होती है, कागजी कार्रवाई कम करनी पड़ती है और ग्राहकों को जल्दी पैसा मिल जाता है।
बढ़ा गोल्ड लोन का औसत आकार
रिपोर्ट के अनुसार, गोल्ड लोन की औसत राशि में भी तेजी से इजाफा हुआ है। वित्त वर्ष 2024 में जहां लोग औसतन 1 लाख रुपये तक का गोल्ड लोन ले रहे थे, वहीं वित्त वर्ष 2026 में यह बढ़कर करीब 1.7 लाख रुपये तक पहुंच गया।
हालांकि, होम लोन अभी भी सबसे बड़ी लोन कैटेगरी बना हुआ है, जिसका औसत टिकट साइज करीब 33.5 लाख रुपये है। लेकिन ग्रोथ के मामले में गोल्ड लोन ने बाकी सभी सेक्टर्स को पीछे छोड़ दिया है।
आखिर क्यों बढ़ रही है गोल्ड लोन की मांग?
सोने की कीमतों में लगातार तेजी आने से लोगों को गोल्ड लोन ज्यादा फायदेमंद लग रहा है। एक तरफ सोने की वैल्यू बढ़ रही है और दूसरी तरफ लोग उसी सोने के बदले आसानी से लोन भी प्राप्त कर पा रहे हैं। इससे निवेश और जरूरत दोनों का फायदा मिल रहा है।
इसके अलावा, RBI द्वारा अनसिक्योर्ड लोन पर सख्ती बढ़ाने के बाद लोग अब सिक्योर्ड लोन की तरफ ज्यादा रुख कर रहे हैं। यही कारण है कि पर्सनल लोन की तुलना में गोल्ड लोन की मांग तेजी से बढ़ती दिखाई दे रही है।