Gold Price Crash: सोने की चमक फीकी, 2 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा रेट—क्या अभी और गिरेंगे दाम?

Saroj kanwar
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अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है और इसका असर अब साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। अमेरिका-ईरान तनाव, डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच निवेशकों का रुझान बदलने लगा है, जिसके चलते गोल्ड करीब दो महीने के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।

स्पॉट गोल्ड में 1% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है और यह 27 मार्च के बाद अपने सबसे कमजोर स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं चांदी, प्लेटिनम और पैलेडियम जैसे अन्य कीमती धातुओं में भी कमजोरी देखने को मिली है।

गोल्ड में लगातार दबाव, निवेशकों की चिंता बढ़ी

गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली। अमेरिका की ओर से ईरान पर सैन्य कार्रवाई और डॉलर इंडेक्स में मजबूती के कारण सुरक्षित निवेश (safe haven) की मांग प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर सोने की कीमतों पर पड़ा है।

इसके अलावा कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और महंगाई को लेकर बनी अनिश्चितता ने भी बाजार की धारणा को कमजोर किया है। निवेशक अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अगली ब्याज दर नीति और आर्थिक संकेतकों पर नजर बनाए हुए हैं।

दो महीने के सबसे निचले स्तर पर गोल्ड

स्पॉट गोल्ड करीब 1.1% गिरकर लगभग 4,406 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गया, जो पिछले 27 मार्च के बाद का सबसे निचला स्तर है। वहीं जून डिलीवरी वाले अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी करीब 0.9% गिरकर 4,404 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करते दिखे।

अन्य कीमती धातुओं में भी गिरावट दर्ज की गई—

  • चांदी लगभग 1.6% टूटकर 73.44 डॉलर प्रति औंस पर आ गई
  • प्लेटिनम करीब 0.8% गिरकर 1,902.66 डॉलर प्रति औंस पर पहुंचा
  • पैलेडियम भी लगभग 1% फिसलकर 1,376.66 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गया

विशेषज्ञों के अनुसार, डॉलर मजबूत होने पर सोना विदेशी निवेशकों के लिए महंगा हो जाता है, जिससे इसकी मांग पर दबाव बढ़ता है।

अमेरिका-ईरान तनाव से बाजार में अस्थिरता

वैश्विक बाजारों में सबसे बड़ा असर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का देखा जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने ईरान में एक सैन्य ठिकाने पर कार्रवाई की है, जिसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माना गया था।

इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ती अनिश्चितता ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। यह स्थिति तब और संवेदनशील हो गई जब क्षेत्र में संघर्ष और बयानबाजी तेज हो गई।

कच्चे तेल और महंगाई का असर

मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। तेल महंगा होने से वैश्विक महंगाई बढ़ने की आशंका रहती है, जिसका असर सीधे आर्थिक नीतियों पर पड़ता है।

इसी कारण अब बाजार की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी ब्याज दर नीति और महंगाई से जुड़े महत्वपूर्ण डेटा पर टिकी हुई है।

आगे सोने की कीमतें कहां जा सकती हैं?

मार्केट विशेषज्ञों के अनुसार, COMEX गोल्ड फिलहाल 4,500 से 4,540 डॉलर के दायरे में उतार-चढ़ाव कर रहा है। बाजार में फिलहाल सतर्कता का माहौल बना हुआ है।

विशेषज्ञों का मानना है कि—

  • 4,560 से 4,600 डॉलर का स्तर मजबूत रेजिस्टेंस है
  • अगर यह स्तर पार होता है तो कीमतें 4,660 से 4,700 डॉलर तक जा सकती हैं

वहीं नीचे की तरफ—

  • 4,500 से 4,460 डॉलर मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है
  • अगर यह टूटता है तो सोना 4,400 से 4,350 डॉलर तक गिर सकता है

MCX ट्रेडिंग अपडेट

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) 28 मई को सुबह के सत्र में बंद रहा। हालांकि शाम के सत्र में ट्रेडिंग फिर से शुरू होने की संभावना है। एक्सचेंज के 2026 कैलेंडर के अनुसार इस साल कुल 16 ट्रेडिंग छुट्टियां निर्धारित हैं।

निष्कर्ष:
गोल्ड पर फिलहाल वैश्विक तनाव, डॉलर की मजबूती और आर्थिक अनिश्चितताओं का दबाव बना हुआ है। ऐसे में आने वाले दिनों में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव और तेज हो सकता है।

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