हाल ही में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को लेकर एक अहम फैसला लिया गया है। इस नई पहल को ‘सार्थक पीडीएस योजना’ नाम दिया गया है। मोदी सरकार द्वारा किए गए इन सुधारों का सीधा लाभ देशभर के करोड़ों राशन कार्डधारकों, खासकर बिहार के लाभार्थियों को मिलने की उम्मीद है।
राज्यों में पीडीएस लाभार्थियों का विवरण
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश के विभिन्न राज्यों में बड़ी संख्या में लोग इस योजना से जुड़े हुए हैं। प्रमुख राज्यों में लाभार्थियों की संख्या इस प्रकार बताई गई है:
- उत्तर प्रदेश: 149.77 करोड़
- बिहार: 87.11 करोड़
- महाराष्ट्र: 70.01 करोड़
- पश्चिम बंगाल: 60.18 करोड़
- मध्य प्रदेश: 51.1 करोड़
वितरण व्यवस्था में राज्यों को मिलेगी मदद
नई व्यवस्था के तहत केंद्र सरकार राज्यों को राशन वितरण प्रणाली के संचालन में वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी। इसका उद्देश्य गोदामों से लेकर उचित मूल्य की दुकानों तक अनाज पहुंचाने की प्रक्रिया को आसान बनाना है। अब परिवहन और लॉजिस्टिक्स पर आने वाला खर्च केंद्र सरकार की मदद से कम किया जा सकेगा, जिससे राज्यों पर आर्थिक दबाव घटेगा।
राशन डीलरों के कमीशन में बढ़ोतरी
सरकार ने लंबे समय से चल रही राशन डीलरों की मांग को भी स्वीकार किया है। इसके तहत उनके कमीशन में वृद्धि का निर्णय लिया गया है। इस कदम से उचित मूल्य दुकानदारों की आय में सुधार होगा और वितरण प्रणाली अधिक प्रभावी बन सकेगी।
डिजिटल और एआई आधारित सिस्टम की ओर कदम
आने वाले समय में पीडीएस प्रणाली को और आधुनिक बनाया जाएगा। लाभार्थियों के पंजीकरण और पूरी वितरण प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से संचालित करने की योजना है। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और व्यवस्था अधिक तेज व कुशल बनेगी।
वित्तीय सहायता से मजबूत होगी व्यवस्था
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, इस योजना के तहत राज्य एजेंसियों को खाद्यान्न के भंडारण, परिवहन और वितरण से जुड़े खर्चों में सहायता दी जाएगी। इससे राज्यों का वित्तीय बोझ कम होगा और प्रणाली अधिक सुचारु रूप से काम करेगी।
निष्कर्ष
‘सार्थक पीडीएस योजना’ का उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, आधुनिक और प्रभावी बनाना है। वित्तीय सहयोग, डीलरों के बेहतर कमीशन और डिजिटल तकनीक के उपयोग से यह योजना देश की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।