अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में जोरदार गिरावट देखने को मिली है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव, डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच निवेशकों की धारणा बदल गई है, जिसका सीधा असर गोल्ड पर पड़ा है। स्पॉट गोल्ड करीब दो महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है।
जानकारों का मानना है कि अगर सोना अहम सपोर्ट लेवल से नीचे फिसलता है, तो इसमें और गिरावट देखने को मिल सकती है।
दो महीने के निचले स्तर पर पहुंचा गोल्ड
गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में लगभग 1% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। स्पॉट गोल्ड फिसलकर 27 मार्च के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया।
- स्पॉट गोल्ड करीब 1.1% गिरकर 4,406.81 डॉलर प्रति औंस पर आ गया
- यह स्तर पिछले लगभग दो महीनों का सबसे कमजोर स्तर माना जा रहा है
- अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स (जून डिलीवरी) भी गिरकर 4,404.90 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया
सिर्फ सोना ही नहीं, अन्य धातुओं में भी गिरावट
सोने के साथ-साथ अन्य कीमती धातुओं में भी कमजोरी देखने को मिली।
- सिल्वर करीब 1.6% टूटकर 73.44 डॉलर प्रति औंस
- प्लेटिनम लगभग 0.8% गिरकर 1,902.66 डॉलर प्रति औंस
- पैलेडियम करीब 1% फिसलकर 1,376.66 डॉलर प्रति औंस
विशेषज्ञों के अनुसार डॉलर इंडेक्स में मजबूती आने से सोना विदेशी निवेशकों के लिए महंगा हो जाता है, जिससे मांग घटती है और कीमतों पर दबाव बढ़ता है।
अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी बाजार की अनिश्चितता
बाजार में सबसे बड़ा असर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का देखने को मिल रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने ईरान में एक सैन्य ठिकाने पर हमला किया, जिसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माना जा रहा था।
इस बीच, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, जिससे वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है।
कच्चा तेल और महंगाई की चिंता ने बढ़ाई सतर्कता
मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। तेल महंगा होने से वैश्विक महंगाई बढ़ने की आशंका भी पैदा हो जाती है।
इसी कारण निवेशक अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अगली ब्याज दर नीति को लेकर सतर्क हैं और किसी भी बड़े फैसले से पहले इंतजार कर रहे हैं।
बाजार की नजर अब किन आंकड़ों पर?
अब निवेशकों की नजर अमेरिका के Personal Consumption Expenditures (PCE) डेटा पर टिकी हुई है। यह आंकड़ा महंगाई का अहम संकेतक माना जाता है और इससे फेड की अगली ब्याज नीति का अनुमान लगाया जाएगा।
आगे सोने की कीमतें किस दिशा में जाएंगी?
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार COMEX गोल्ड फिलहाल सीमित दायरे में ट्रेड कर रहा है और बाजार में अभी भी सावधानी का माहौल है।
- रेजिस्टेंस लेवल: 4,560 से 4,600 डॉलर
- अगर यह स्तर पार होता है तो तेजी बढ़कर 4,660 से 4,700 डॉलर तक जा सकती है
दूसरी तरफ,
- मजबूत सपोर्ट: 4,500 से 4,460 डॉलर
- अगर यह टूटता है तो सोना गिरकर 4,400 से 4,350 डॉलर तक जा सकता है
MCX ट्रेडिंग अपडेट
भारत में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) 28 मई को सुबह के सत्र में बंद रहा, लेकिन शाम के सत्र में कारोबार फिर से शुरू होगा। एक्सचेंज कैलेंडर के अनुसार वर्ष 2026 में कुल 16 ट्रेडिंग छुट्टियां निर्धारित की गई हैं।
निष्कर्ष
वैश्विक तनाव, डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने सोने पर दबाव बढ़ा दिया है। फिलहाल बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है और आने वाले आर्थिक आंकड़े ही तय करेंगे कि सोना आगे गिरता है या फिर इसमें रिकवरी देखने को मिलती है।