अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के दाम लगातार उतार-चढ़ाव का सामना कर रहे हैं। ईरान पर अमेरिका के हालिया हमलों के बाद वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ा है, जिसका सीधा असर कच्चे तेल और कीमती धातुओं की कीमतों पर देखने को मिल रहा है। तेल की कीमतों में आई तेजी ने महंगाई और ब्याज दरों को लेकर चिंताएं और बढ़ा दी हैं, जिससे सोने के बाजार पर दबाव बना हुआ है।
घरेलू बाजार में सोने और चांदी के ताजा रेट
भारतीय सर्राफा बाजार में फिलहाल 24 कैरेट सोना करीब 159,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर स्थिर बना हुआ है। वहीं चांदी का भाव लगभग 277,130 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों में कीमतों में बड़े बदलाव नहीं दिखे हैं, हालांकि वैश्विक संकेतों का असर बाजार पर बना हुआ है।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से बढ़ी चिंता
अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 2% की बढ़ोतरी देखी गई है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स में आई इस तेजी ने वैश्विक महंगाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, जब तेल महंगा होता है तो महंगाई बढ़ने का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा बनाए रख सकते हैं, जिससे बिना ब्याज वाली संपत्ति जैसे सोना निवेशकों के लिए कम आकर्षक हो जाता है।
इसी कारण बाजार में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व इस साल के अंत तक एक और ब्याज दर वृद्धि कर सकता है। दिसंबर तक इसकी संभावना लगभग 54% तक आंकी जा रही है।
ग्लोबल मार्केट में सोने-चांदी का हाल
अंतरराष्ट्रीय हाजिर बाजार में सोने की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। स्पॉट गोल्ड लगभग 0.6% गिरकर 4,544.33 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया है।
वहीं, जून डिलीवरी वाले अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में मामूली बढ़त देखी गई और यह 4,545.60 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है। यूएस कॉमेक्स में भी सोना करीब 0.33% की तेजी के साथ 4,538.10 डॉलर के स्तर पर है।
चांदी की बात करें तो इसमें गिरावट का रुख देखा गया है और यह 0.8% टूटकर 77.42 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है। अन्य कीमती धातुओं में भी कमजोरी रही, जहां प्लैटिनम और पैलेडियम में क्रमशः 0.5% और 0.6% की गिरावट दर्ज की गई।
भारत में बुलियन बाजार की स्थिति
बुलियन एसोसिएशन के अनुसार, भारतीय बाजार में सोने की कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं। पिछले एक सप्ताह में सोने में 1% से कम बदलाव हुआ है, जबकि चांदी में 2% से अधिक की बढ़त देखी गई है।
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय तनाव, कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिकी मौद्रिक नीति सोने और चांदी के रुझान को तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।