नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में 15 किलोमीटर के दायरे में बने सभी अवैध निर्माणों पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी और उन्हें हटाने की प्रक्रिया तेज की जाएगी।
इस दिशा में गृह मंत्रालय ने सभी संबंधित अधिकारियों को “जीरो टॉलरेंस” नीति को पूरी सख्ती के साथ लागू करने के निर्देश दिए हैं।
सीमाई सुरक्षा पर सरकार का बड़ा फोकस
सरकार का मुख्य ध्यान उन अवैध निर्माणों और गतिविधियों पर है जो पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के आसपास विकसित हुए हैं। भारत की सीमाएं 9 देशों से जुड़ी हैं और देश के पास हजारों किलोमीटर लंबा भूमि और समुद्री सीमा क्षेत्र मौजूद है, जिसकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
सीमावर्ती जिलों के DM को अतिरिक्त जिम्मेदारियां
सरकारी सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्रालय ने सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारियों (DM) को अतिरिक्त दायित्व सौंपे हैं। उन्हें निम्न कार्यों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है:
- सीमावर्ती बैंकों में होने वाले सभी वित्तीय लेन-देन की कानूनी जांच सुनिश्चित करना
- बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों और उनके फंडिंग स्रोतों की निगरानी करना
- संदिग्ध खातों (mule accounts) और फर्जी कंपनियों की पहचान करना
- नकली आधार कार्ड और दस्तावेजों की जांच करना
- सीमा पार तस्करी और अवैध गतिविधियों पर सख्त रोक लगाना
बीकानेर में हाई-लेवल सुरक्षा समीक्षा बैठक
केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने हाल ही में राजस्थान के बीकानेर में एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और सीमावर्ती जिलों—बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, श्रीगंगानगर और फलोदी—के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।
बैठक में सीमा सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई और मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई।
सीमावर्ती जिलों के लिए ‘360 डिग्री सिक्योरिटी’ मॉडल
गृह मंत्रालय ने कहा है कि सीमावर्ती जिलों में अपराध नेटवर्क की गहराई से जांच की जाएगी और ड्रग्स, तस्करी तथा अन्य अवैध गतिविधियों पर विशेष फोकस रहेगा।
गृह मंत्री Amit Shah ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में नागरिक प्रशासन, राज्य पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि एक मजबूत और पूरी तरह सुरक्षित “360 डिग्री सिक्योरिटी कवर” तैयार किया जा सके।
भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाएं
भारत की जमीनी सीमा कई देशों से जुड़ी हुई है, जिनमें शामिल हैं:
- बांग्लादेश
- चीन
- पाकिस्तान
- नेपाल
- म्यांमार
- भूटान
- अफगानिस्तान
इसके अलावा भारत की समुद्री सीमाएं श्रीलंका और मालदीव जैसे देशों के समुद्री क्षेत्र से भी जुड़ती हैं।
निष्कर्ष:
सरकार का यह कदम सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।