भारत गैस ने फिर शुरू की पुरानी सुविधा, अब आसानी से मिलेगा एलपीजी सिलेंडर

Saroj kanwar
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एलपीजी अपडेट: वैश्विक तनाव और सप्लाई संकट के बीच आम लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारत गैस ने कई इलाकों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की होम डिलीवरी सेवा दोबारा शुरू कर दी है। युद्ध और सप्लाई बाधित होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों सहित कई जगहों पर गैस सिलेंडर की डिलीवरी रोक दी गई थी, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। अब सरकार और गैस कंपनियों द्वारा सख्त नियम लागू किए जाने के बाद स्थिति में सुधार देखा जा रहा है।

क्यों बंद हुई थी होम डिलीवरी?

युद्ध जैसे हालात बनने के बाद लोगों ने बड़ी मात्रा में एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग शुरू कर दी थी। घबराहट में खरीदारी बढ़ने से गैस की मांग अचानक बहुत ज्यादा हो गई। सप्लाई सीमित होने के कारण कई डीलरों ने होम डिलीवरी अस्थायी रूप से बंद कर दी थी। खासकर ग्रामीण इलाकों में सिलेंडर की भारी कमी देखने को मिली।

हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में पहले डिलीवरी सेवा बहाल की गई थी, लेकिन बाद में बढ़ती मांग के कारण फिर से रोक लगानी पड़ी। अब नई व्यवस्था और निगरानी के बाद कई क्षेत्रों में सेवा दोबारा शुरू हो चुकी है।

सरकार ने क्या कहा?

सरकार का कहना है कि एलपीजी की उपलब्धता सामान्य करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बैकलॉग कम करने और कालाबाजारी रोकने के लिए नए नियम लागू किए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक अब सप्लाई चेन पहले से बेहतर स्थिति में है और जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक समय पर सिलेंडर पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के नए नियम

कालाबाजारी और फर्जी डिलीवरी रोकने के लिए अब एलपीजी सिलेंडर लेने के नियम सख्त कर दिए गए हैं। नए नियमों के अनुसार:

  • अब बिना ओटीपी के गैस सिलेंडर नहीं मिलेगा।
  • सिलेंडर बुक करने के लिए पंजीकृत मोबाइल नंबर जरूरी होगा।
  • बुकिंग के बाद उपभोक्ता के मोबाइल पर ओटीपी भेजा जाएगा।
  • डिलीवरी के समय यह ओटीपी डीलर या डिलीवरी बॉय को दिखाना होगा।
  • ओटीपी सत्यापन के बाद ही सिलेंडर दिया जाएगा।
  • उपभोक्ताओं को गैस पासबुक साथ रखने की भी सलाह दी गई है।

गांव और शहरों के लिए अलग नियम

सरकार ने बुकिंग अंतराल को लेकर भी नए नियम लागू किए हैं:

  • ग्रामीण क्षेत्रों में नया सिलेंडर बुक करने के लिए 45 दिन का इंतजार करना होगा।
  • शहरी क्षेत्रों में यह सीमा 25 दिन तय की गई है।

सरकार का मानना है कि इससे अनावश्यक स्टॉकिंग और कालाबाजारी पर रोक लगेगी तथा जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक गैस आसानी से पहुंच सकेगी।

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