नई दिल्ली: अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio अपने चार दिवसीय भारत दौरे के तीसरे दिन आगरा पहुंचे, जहां उन्होंने विश्व के सात अजूबों में शामिल Taj Mahal का दौरा किया। इस दौरान उनकी पत्नी जेनेट डी. रूबियो, अमेरिका के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट गैब्रियल और भारत स्थित अमेरिकी दूतावास के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे। रूबियो ने ताजमहल की ऐतिहासिक खूबसूरती और शानदार वास्तुकला को करीब से देखा और परिसर में समय बिताया।
रूबियो के इस दौरे के बीच हैदराबाद स्थित ईरानी वाणिज्य दूतावास की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने नया विवाद खड़ा कर दिया। दूतावास ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर मार्को रूबियो इतिहास और वास्तुकला की गहराई को समझते, तो शायद यहां फोटो खिंचवाने नहीं आते। पोस्ट में यह भी कहा गया कि ताजमहल एक मुगल सम्राट ने अपनी ईरानी पत्नी की याद में बनवाया था और इसकी वास्तुकला में ईरानी कलाकारों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। साथ ही अमेरिकी नीतियों पर निशाना साधते हुए दावा किया गया कि आज वही अमेरिका ईरानी सभ्यता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा है।
इस पोस्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई। कुछ लोगों ने इसे सांस्कृतिक विरासत और अंतरराष्ट्रीय संबंधों से जोड़कर देखा, जबकि कई यूजर्स ने इसे अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के संदर्भ में राजनीतिक संदेश माना। ताजमहल यात्रा और उस पर आई प्रतिक्रिया ने एक बार फिर वैश्विक राजनीति और सांस्कृतिक पहचान को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
भारत दौरे के दौरान मार्को रूबियो ने पहले कोलकाता और फिर नई दिल्ली का दौरा किया। दिल्ली में उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi से मुलाकात की और अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की ओर से व्हाइट हाउस आने का निमंत्रण सौंपा। इसके अलावा विदेश मंत्री S. Jaishankar के साथ उनकी अहम द्विपक्षीय वार्ता भी हुई, जिसमें व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई।
आगरा दौरे के बाद रूबियो राजस्थान पहुंचे, जहां उन्होंने पत्नी के साथ Amer Fort का भ्रमण किया। यहां उन्हें राजस्थान की समृद्ध संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत से परिचित कराया गया। उनके दौरे को देखते हुए आमेर महल को दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक आम पर्यटकों के लिए बंद रखा गया।
रूबियो मंगलवार सुबह जयपुर से दिल्ली रवाना होंगे, जहां वे क्वाड देशों की महत्वपूर्ण बैठक में हिस्सा लेंगे। माना जा रहा है कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है, खासकर रक्षा, व्यापार और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग को लेकर।