पेट्रोल-डीजल के बाद अब सीएनजी उपभोक्ताओं पर भी महंगाई की मार तेज हो गई है। दिल्ली-NCR में CNG की कीमतों में फिर बढ़ोतरी की गई है। नई दरों के मुताबिक अब राजधानी में सीएनजी 83.09 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है। लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों ने आम लोगों के घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया है। पिछले 12 दिनों में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी सभी के दाम कई बार बढ़ चुके हैं, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है।
दिल्ली में फिर महंगी हुई CNG
मंगलवार सुबह 6 बजे से दिल्ली और आसपास के इलाकों में CNG के दाम 2 रुपये प्रति किलो बढ़ा दिए गए। इससे पहले भी हाल के दिनों में कई बार कीमतों में इजाफा किया जा चुका है। नई बढ़ोतरी के बाद वाहन चालकों को अब पहले की तुलना में ज्यादा खर्च करना पड़ेगा।
तेल कंपनियों ने सप्ताह की शुरुआत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी बड़ा इजाफा किया था। दिल्ली में पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच चुका है, जबकि डीजल भी महंगा हो गया है।
12 दिनों में इतना बढ़ा बोझ
अगर पिछले करीब दो हफ्तों की बात करें, तो इस दौरान पेट्रोल और डीजल के दाम 7 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा बढ़ चुके हैं। वहीं CNG की कीमतों में कुल 6 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। लगातार हो रही इस वृद्धि का असर सीधे आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है।
कब-कब बढ़े CNG के दाम?
बीते दो हफ्तों में CNG की कीमतों में चार बार बढ़ोतरी की जा चुकी है।
- 15 मई: पहली बार 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी
- 17 मई: 1 रुपये प्रति किलो का इजाफा
- 23 मई: फिर 1 रुपये महंगी हुई CNG
- 26 मई: चौथी बार 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी
लगातार बढ़ते दामों ने CNG वाहन चलाने वालों की लागत भी बढ़ा दी है।
पेट्रोल-डीजल में भी लगातार बढ़ोतरी
तेल कंपनियों ने 15 मई को चार साल बाद पहली बड़ी बढ़ोतरी करते हुए पेट्रोल और डीजल के दाम 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए थे। इसके बाद 19 मई, 23 मई और 25 मई को भी कीमतों में लगातार इजाफा किया गया।
ताजा बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल करीब 102 रुपये प्रति लीटर और डीजल लगभग 95 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है।
आम आदमी पर बढ़ेगा असर
ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतों का असर सिर्फ वाहन चलाने की लागत तक सीमित नहीं रहेगा। ट्रांसपोर्ट महंगा होने से रोजमर्रा के सामानों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। घरेलू बजट पर दबाव बढ़ने के साथ-साथ महंगाई का असर हर वर्ग के लोगों पर देखने को मिल सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता बनी रहने के कारण फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद कम नजर आ रही है। आने वाले दिनों में पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।
होर्मुज स्ट्रेट बना बड़ी वजह
वैश्विक स्तर पर जारी तेल और गैस संकट के पीछे सबसे बड़ा कारण होर्मुज स्ट्रेट को माना जा रहा है। यह दुनिया की कुल तेल और गैस सप्लाई का लगभग 20 फीसदी हिस्सा संभालने वाला अहम समुद्री मार्ग है।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और शांति वार्ता में ठोस समाधान न निकलने की वजह से सप्लाई पर असर पड़ा है। इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों पर पड़ रहा है, जिसका असर भारत समेत कई देशों में दिखाई दे रहा है।