नई दिल्ली: रसोई गैस (LPG) उपभोक्ताओं के लिए नए नियम पहले की तुलना में काफी सख्त कर दिए गए हैं। तेल विपणन कंपनियों ने एलपीजी वितरण प्रणाली में बड़े बदलाव लागू किए हैं, जिनका सीधा असर देशभर के करोड़ों घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। सरकार और कंपनियों का कहना है कि इन सुधारों का उद्देश्य फर्जी कनेक्शनों को खत्म करना, कालाबाजारी पर रोक लगाना और पूरी सप्लाई व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना है।
हालांकि इन बदलावों से आम उपभोक्ताओं के लिए गैस सिलेंडर प्राप्त करने की प्रक्रिया पहले से अधिक नियंत्रित और नियमबद्ध हो जाएगी।
पूरी डिलीवरी होगी डिजिटल निगरानी के तहत
नई व्यवस्था के तहत गैस सिलेंडर की बुकिंग से लेकर डिलीवरी तक हर चरण पर डिजिटल ट्रैकिंग की जाएगी। यदि उपभोक्ता के मोबाइल नंबर, आधार विवरण, ई-केवाईसी या कनेक्शन जानकारी में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो गैस सप्लाई अस्थायी रूप से रोकी भी जा सकती है। कई राज्यों में कंपनियां पहले ही संदिग्ध और डुप्लीकेट कनेक्शनों की पहचान करने में जुटी हुई हैं।
रीफिल बुकिंग पर समय सीमा लागू
नए नियमों के अनुसार अब सिलेंडर की दो बुकिंग के बीच एक निश्चित अंतर रखा गया है। शहरी क्षेत्रों में दूसरी रीफिल बुकिंग कम से कम 25 दिन बाद ही की जा सकेगी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह अवधि 45 दिन निर्धारित की गई है। इसका उद्देश्य अनावश्यक या अतिरिक्त बुकिंग पर नियंत्रण रखना है।
OTP आधारित डिलीवरी अनिवार्य
अब गैस सिलेंडर की डिलीवरी पूरी तरह OTP वेरिफिकेशन पर आधारित होगी। डिलीवरी एजेंट जब सिलेंडर लेकर पहुंचेगा, तो उपभोक्ता के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP भेजा जाएगा। बिना इस कोड के डिलीवरी पूरी नहीं मानी जाएगी।
गलत मोबाइल नंबर पर रुक सकती है सेवा
यदि किसी उपभोक्ता का रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर बंद, गलत या किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज पाया जाता है, तो गैस बुकिंग और डिलीवरी में बाधा आ सकती है। कंपनियां लगातार उपभोक्ताओं को अपने रिकॉर्ड अपडेट करने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जरूरी
अब केवल उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए ही नहीं, बल्कि सभी एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य किया जा रहा है। कई जगह बिना केवाईसी वाले कनेक्शनों की जांच भी शुरू हो चुकी है।
पीएनजी वाले क्षेत्रों में एलपीजी की समीक्षा
जिन इलाकों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा उपलब्ध है, वहां एलपीजी कनेक्शनों की समीक्षा की जा रही है। उपभोक्ताओं को पीएनजी अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, और कुछ जगहों पर अतिरिक्त एलपीजी कनेक्शन बंद करने की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है।
एक पते पर एक कनेक्शन नियम सख्त
तेल कंपनियां अब “एक घर, एक एलपीजी कनेक्शन” नीति को सख्ती से लागू करने की तैयारी में हैं। एक ही पते पर मौजूद कई कनेक्शनों की जांच की जा रही है, और संदिग्ध मामलों में अतिरिक्त कनेक्शन रद्द भी किए जा सकते हैं।
डिजिटल बुकिंग को प्राथमिकता
कंपनियां अब मैनुअल और काउंटर बुकिंग को धीरे-धीरे कम कर रही हैं और मोबाइल ऐप, वेबसाइट तथा अन्य ऑनलाइन माध्यमों से बुकिंग को बढ़ावा दे रही हैं, ताकि पूरी प्रणाली अधिक पारदर्शी और ट्रैक करने योग्य बन सके।
उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सलाह
उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे जल्द से जल्द अपना मोबाइल नंबर और आधार विवरण अपडेट कर लें। ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करना बेहद जरूरी है। यदि एक ही पते पर एक से अधिक कनेक्शन हैं, तो उनकी स्थिति स्पष्ट कर लें। साथ ही डिलीवरी के समय OTP सत्यापन के लिए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर हमेशा सक्रिय रखें।
इन नए नियमों का उद्देश्य सिस्टम को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और फर्जीवाड़े से मुक्त बनाना है, जिससे वास्तविक उपभोक्ताओं तक गैस सप्लाई सही तरीके से पहुंच सके।