इस तारीख तक किसानों का कर्ज होगा माफ, सरकार ने किया बड़ा ऐलान

Saroj kanwar
3 Min Read

नई दिल्ली: कर्ज में डूबे किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को बड़ी सौगात देते हुए कृषि ऋण माफी योजना को लागू करने की समयसीमा तय कर दी है। राज्य सरकार के अनुसार, सभी पात्र किसानों को 30 जून से पहले ही ऋणमाफी का लाभ उपलब्ध करा दिया जाएगा।

यह घोषणा राज्य में खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा और राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक के बाद की गई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि इस योजना को समयबद्ध तरीके से लागू करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

किसानों और बैंकिंग व्यवस्था में भ्रम की स्थिति खत्म

मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना को लेकर अब तक किसानों और बैंकिंग संस्थानों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। लेकिन अब समयसीमा तय होने के बाद सभी तरह की अनिश्चितता समाप्त हो जाएगी और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ेगी।

सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, जिला सहकारी बैंक और ग्रामीण बैंक मिलकर राज्य के कुल कृषि ऋण का लगभग 67 प्रतिशत हिस्सा उपलब्ध कराते हैं। सरकार ने इन संस्थानों को लक्ष्य दिया है कि वे अपने वितरण मानकों का 80 प्रतिशत तक पालन सुनिश्चित करें।

राष्ट्रीयकृत बैंकों पर भी सख्ती के संकेत

मुख्यमंत्री फडणवीस ने यह भी कहा कि कई राष्ट्रीयकृत बैंक कृषि ऋण वितरण में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में उन्हें भी अपने निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार 80 प्रतिशत ऋण वितरण सुनिश्चित करना होगा।

फसल ऋण के लिए सिबिल स्कोर अनिवार्य नहीं

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि किसानों को फसल ऋण लेने के लिए सिबिल स्कोर की अनिवार्यता नहीं होगी। सभी बैंक शाखाओं को निर्देश दिया गया है कि वे स्पष्ट रूप से इस संबंध में नोटिस जारी करें, ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अधिकारी भी इस बैठक में मौजूद रहे और उन्होंने नियामकीय व्यवस्था की पुष्टि की। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसान ऋण प्रक्रिया में किसी भी तरह की बाधा नहीं आने दी जाएगी।

क्या होता है सिबिल स्कोर?

सिबिल स्कोर एक तीन अंकों की क्रेडिट रेटिंग होती है, जो किसी व्यक्ति की ऋण चुकाने की क्षमता को दर्शाती है। यह स्कोर बैंकों और वित्तीय संस्थानों को यह समझने में मदद करता है कि कोई उधारकर्ता कितना विश्वसनीय है। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि कृषि ऋण के लिए किसानों से यह स्कोर नहीं मांगा जाएगा।

इस फैसले को किसानों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे आगामी कृषि सीजन में उन्हें आर्थिक सहायता आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *