अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों पर बड़ा बयान दिया है। भारत दौरे के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय उत्पादों पर लगाया गया अमेरिकी प्रतिबंध खासतौर पर भारत को निशाना बनाने के लिए नहीं था। उनका कहना था कि इन कदमों का मुख्य उद्देश्य रूस पर दबाव बनाकर यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की दिशा में काम करना था।
रूस से तेल खरीदने पर अमेरिका का रुख
सीएनएन-न्यूज18 से बातचीत में रुबियो ने कहा कि भारत रूस से तेल खरीदने वाले प्रमुख देशों में शामिल रहा है, इसलिए यह मुद्दा चर्चा में आया। उन्होंने कहा कि अमेरिका की रणनीति रूस की आर्थिक ताकत को सीमित कर यूक्रेन संघर्ष को खत्म करने की थी, न कि भारत के खिलाफ कोई विशेष कार्रवाई करने की।
भारत ने हमेशा किया अपनी नीति का बचाव
साल 2022 के बाद से भारत रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले सबसे बड़े देशों में शामिल रहा है। भारत लगातार यह कहता रहा है कि उसकी प्राथमिकता अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना है। इसी वजह से भारत ने रूस से तेल आयात जारी रखने के फैसले का समर्थन किया।
भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में आई नरमी
कुछ समय पहले अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की चर्चा ने दोनों देशों के संबंधों में तनाव बढ़ा दिया था। हालांकि, अब अंतरिम व्यापार समझौते के बाद स्थिति में सुधार देखने को मिला है। नए समझौते के तहत भारत पर अमेरिकी टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया। वहीं, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा रेसिप्रोकल टैरिफ पर रोक लगाए जाने के बाद यह दर और कम होकर 10 प्रतिशत तक पहुंच गई।
ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने पर जोर
मार्को रुबियो ने यह भी कहा कि अमेरिका भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति के नए विकल्पों पर काम करना चाहता है। उन्होंने संकेत दिया कि भारत भविष्य में अमेरिका और वेनेजुएला जैसे देशों से भी अधिक तेल खरीद सकता है। रुबियो के मुताबिक, भारत पहले ही अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और अमेरिका इस प्रक्रिया में मजबूत साझेदार बनना चाहता है।
रूस से तेल खरीदने की मिली छूट
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान टकराव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिला है। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए अमेरिका ने भारत को रूस से तेल खरीद जारी रखने की अनुमति दी है। इसके बाद भारतीय रिफाइनिंग कंपनियों ने रूस से तेल आयात बढ़ाया है, जिनमें पहले से लोड किए गए टैंकर भी शामिल हैं।
भारतीय क्रिकेट में कप्तानी को लेकर नई बहस
दूसरी ओर, भारतीय क्रिकेट में भी कप्तानी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। टीम इंडिया इस समय ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहां खिलाड़ियों का प्रदर्शन, भविष्य की रणनीति और टीम मैनेजमेंट के फैसले लगातार चर्चा में हैं। तमाम अटकलों के बीच यह बात सामने आ रही है कि कोच Gautam Gambhir अब भी Suryakumar Yadav पर भरोसा बनाए हुए हैं। माना जा रहा है कि गंभीर चाहते हैं कि सूर्यकुमार यादव को खुद को साबित करने के लिए एक और सीरीज़ का मौका दिया जाए।