वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच तीखे बयानों का असर एक बार फिर वैश्विक सर्राफा बाजार पर दिखने लगा है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की ओर से ईरान को लेकर दिए गए सख्त बयान के बाद निवेशकों का रुख सुरक्षित निवेश यानी सोने की तरफ बढ़ा है। इसी वजह से गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में तेजी दर्ज की गई।
ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान ने प्रस्तावित समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए तो अमेरिका “कठोर कदम” उठा सकता है। वहीं दूसरी तरफ ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने भी चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि अगर दोबारा संघर्ष हुआ तो दुनिया को “कई सरप्राइज” देखने को मिलेंगे। दोनों देशों के इन बयानों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
हालांकि पिछले दो कारोबारी सत्रों में सोने में गिरावट देखने को मिली थी, लेकिन अब बाजार का रुख फिर बदलता नजर आ रहा है। जानकारों का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने पर निवेशक इक्विटी बाजार से पैसा निकालकर सोने जैसे सुरक्षित एसेट में निवेश बढ़ा देते हैं।
इंटरनेशनल मार्केट में फिर लौटी तेजी
गुरुवार सुबह अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत करीब 18 डॉलर प्रति औंस की तेजी के साथ 4,555.55 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। इससे पहले जनवरी 2026 में सोना रिकॉर्ड स्तर 5,500 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच चुका है।
चांदी की कीमतों में भी मजबूती देखी जा रही है। औद्योगिक मांग और सुरक्षित निवेश की बढ़ती खरीदारी के कारण सिल्वर में भी तेजी बनी हुई है।
घरेलू बाजार में भी असर
वैश्विक बाजार में हो रही हलचल का असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। बुधवार को घरेलू वायदा बाजार में सोना बढ़त के साथ बंद हुआ था। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में सोने-चांदी के दाम ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है तो आने वाले दिनों में सोने की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी ब्याज दरों पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में सोना सुरक्षित निवेश के रूप में मजबूत बना हुआ है। हालांकि कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सोना अब भी मजबूत विकल्प माना जा रहा है, जबकि अल्पकालिक कारोबारियों को बाजार की खबरों पर नजर बनाए रखने की जरूरत है।