बाजार में मिलने वाला टोमैटो सॉस और केचप अक्सर लोगों की पसंदीदा चीज़ होती है। चाउमीन, बर्गर, पिज्जा, समोसा या फ्रेंच फ्राइज—इन सबके साथ इसकी मौजूदगी स्वाद को और बढ़ा देती है। लेकिन हाल की जांच और विशेषज्ञों की राय बताती है कि यह लाल दिखने वाला सॉस आपकी सेहत के लिए गंभीर जोखिम भी बन सकता है।
नकली सॉस बनाने का मामला आया सामने
उत्तर प्रदेश के हापुड़ में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी के दौरान एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। यहां बड़े पैमाने पर नकली टोमैटो सॉस तैयार किया जा रहा था और उसे बाजार में सप्लाई किया जा रहा था।
जांच में पता चला कि सॉस बनाने में असली टमाटर का इस्तेमाल बेहद कम था। उसकी जगह गाजर, स्टार्च, शुगर, नमक, सोडियम बेंजोएट, आर्टिफिशियल रंग और अन्य केमिकल मिलाए जा रहे थे। इस तरह तैयार किया गया सॉस स्वास्थ्य के लिए खतरनाक माना गया और लगभग 30 पेटी (360 बोतल) जब्त कर ली गई।
असली टमाटर नहीं, ज्यादा चीनी और केमिकल का खेल
विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में मिलने वाले अधिकतर प्रोसेस्ड टोमैटो सॉस में टमाटर की मात्रा बहुत कम होती है। इसके बजाय इनमें शामिल होते हैं:
- अधिक मात्रा में चीनी
- ज्यादा नमक
- प्रिजर्वेटिव्स
- आर्टिफिशियल फ्लेवर और रंग
- कॉर्न सिरप जैसी चीजें
एक चम्मच सॉस में लगभग एक चम्मच तक चीनी होने की संभावना भी बताई जाती है, जो इसे और अधिक अस्वस्थ बनाती है।
सेहत पर क्या असर पड़ सकता है?
डायटीशियन के अनुसार ऐसे सॉस का अधिक सेवन कई स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है:
- मोटापा और वजन बढ़ना
- डायबिटीज का खतरा
- हाई ब्लड प्रेशर
- फैटी लिवर की समस्या
- पाचन संबंधी दिक्कतें (गैस, ब्लोटिंग, अपच)
इसके अलावा, लंबे समय तक प्रिजर्वेटिव और आर्टिफिशियल रंगों का सेवन शरीर में सूजन और एलर्जी का कारण भी बन सकता है। लिवर और किडनी पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ने की आशंका रहती है।
बच्चों के लिए ज्यादा खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि टोमैटो सॉस का सबसे अधिक इस्तेमाल बच्चों के खाने में होता है। वे इसे फ्रेंच फ्राइज, पिज्जा, बर्गर और स्नैक्स के साथ काफी पसंद करते हैं।
लेकिन अधिक चीनी और नमक बच्चों के शरीर और दिमाग पर असर डालते हैं, जिससे:
- जंक फूड की आदत बढ़ती है
- मोटापे का खतरा बढ़ता है
- कम उम्र में ही ब्लड प्रेशर और डायबिटीज की संभावना बनती है
- पाचन तंत्र कमजोर हो सकता है
निष्कर्ष
टोमैटो सॉस दिखने और स्वाद में भले ही आकर्षक लगे, लेकिन इसकी गुणवत्ता और सामग्री पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। नकली या अत्यधिक प्रोसेस्ड सॉस का लगातार सेवन धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए इसका इस्तेमाल सीमित मात्रा में और भरोसेमंद ब्रांड का ही करना बेहतर विकल्प है।