देशभर में ऑनलाइन दवाओं की बिक्री और ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म्स द्वारा दी जा रही भारी छूट के खिलाफ आज ‘ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स’ (AIOCD) ने राष्ट्रव्यापी विरोध और बंद का आह्वान किया है। इस आंदोलन का उद्देश्य ऑनलाइन दवा बिक्री से पारंपरिक मेडिकल दुकानों पर पड़ रहे असर को उजागर करना है।
संगठन का कहना है कि ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म्स द्वारा दवाओं पर दी जा रही बड़ी छूट और तेज़ी से बढ़ती ऑनलाइन बिक्री से स्थानीय केमिस्ट व्यवसाय गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। उनका मानना है कि यह व्यवस्था छोटे और मध्यम स्तर के दवा विक्रेताओं के लिए आर्थिक संकट पैदा कर रही है।
AIOCD ने इस विरोध को पूरे देश में एकजुट होकर करने का निर्णय लिया है, जिसमें केमिस्ट समुदाय सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त नियम लागू करने की मांग कर रहा है। उनका तर्क है कि दवाओं की बिक्री एक संवेदनशील क्षेत्र है और इसमें पारदर्शिता और नियंत्रण बेहद जरूरी है।
इस हड़ताल के चलते कई राज्यों में मेडिकल स्टोर्स के बंद रहने की संभावना है, जिससे आम लोगों को दवाइयों की उपलब्धता में अस्थायी परेशानी हो सकती है। हालांकि संगठन ने स्पष्ट किया है कि आपातकालीन सेवाएं और जरूरी दवाओं की आपूर्ति पर कोई रोक नहीं होगी।
यह आंदोलन डिजिटल फार्मेसी और पारंपरिक मेडिकल सिस्टम के बीच बढ़ते टकराव को एक बार फिर सामने ला रहा है, जिससे आने वाले समय में नीति स्तर पर बड़े बदलाव की चर्चा तेज हो सकती है।