भारतीय रेलवे: रेल यात्रियों के लिए जल्द ही एक बड़ी सुविधा उपलब्ध होने वाली है। रेलवे अपनी टिकट बुकिंग प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण सुधार करने जा रहा है। यह नई हाई-स्पीड डिजिटल प्रणाली यात्रियों को टिकट बुक करने में आने वाली कठिनाइयों, विशेष रूप से तत्काल टिकटों के मामले में, काफी हद तक राहत प्रदान करेगी।
रेलवे का दावा है कि नई प्रणाली प्रति मिनट लगभग 150,000 टिकटों की प्रोसेसिंग करने में सक्षम होगी। इसके विपरीत, वर्तमान प्रणाली केवल प्रति मिनट लगभग 32,000 टिकटों की प्रोसेसिंग कर सकती है, जो व्यस्त समय में काफी धीमी हो जाती है।
नई प्रणाली की आवश्यकता क्यों पड़ी?
आज के समय में, जब लाखों उपयोगकर्ता एक ही समय में IRCTC वेबसाइट का उपयोग करते हैं, तो अक्सर वेबसाइट धीमी हो जाती है या सर्वर क्रैश हो जाता है। इसके अलावा, भुगतान विफलता और लॉगिन संबंधी समस्याएं भी आम हैं। इन समस्याओं से निपटने के लिए, रेलवे ने एक नई, तेज डिजिटल प्रणाली बनाने का विकल्प चुना।
नई प्रणाली कैसे काम करेगी?
इसमें सुधार किया जाएगा।
वर्ष 2002 में, रेलवे ने पहली बार इंटरनेट के माध्यम से टिकट बुकिंग की सुविधा शुरू की थी। आज, अधिकांश लोग टिकट काउंटर पर जाने के बजाय ऑनलाइन टिकट बुक करते हैं। देश में लगभग 88% टिकट बुकिंग अब ऑनलाइन होती हैं। इस डिजिटल परिवर्तन का एक प्रमुख उदाहरण भारतीय रेलवे का मोबाइल ऐप, रेलवन है। यह ऐप यात्रियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। पिछले वर्ष जुलाई में लॉन्च हुए रेलवन ऐप को एक वर्ष से भी कम समय में 3.5 करोड़ से अधिक डाउनलोड मिल चुके हैं। इसके अलावा, टिकट बुकिंग और अन्य सेवाओं से संबंधित शिकायतों का समाधान भी इस ऐप के माध्यम से किया जा सकता है।
रेलवे के अनुसार, नई प्रणाली प्रति मिनट 125,000 टिकट बुक करेगी, जो पुरानी प्रणाली के 25,000 टिकट प्रति मिनट की तुलना में लगभग पांच गुना तेज है। इससे अवैध सॉफ्टवेयर और दलालों पर अंकुश लगेगा।