ईपीएफओ अपडेट: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) एक महत्वपूर्ण बदलाव के लिए तैयार हो रहा है। ईपीएफओ 3.0 के तहत एक नया ढांचा तैयार किया जा रहा है। इसके लागू होने के बाद, ईपीएफ सदस्य यूपीआई के माध्यम से आसानी से धनराशि निकाल सकेंगे। नए ढांचे के अनुसार, सदस्यों को अब ऑनलाइन कोई दस्तावेज जमा करने या कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी। इन नए नियमों के साथ, ईपीएफओ का उद्देश्य अपने सदस्यों की सुविधा को बढ़ाना है, ताकि वे अपनी मेहनत से अर्जित बचत को जब चाहें तब निकाल सकें।
नया अपडेट क्या है?
सरकार ने ईपीएफओ 3.0 ढांचे के संबंध में कई अपडेट जारी किए हैं। हालांकि, यूपीआई के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है। इस नियम के लागू होने के बाद, ग्राहकों को यूपीआई के माध्यम से धनराशि निकालना आसान लगेगा। एचडीएफसी बैंक की वेबसाइट के अनुसार, नए ईपीएफओ नियमों के तहत, ग्राहक अपने स्वयं के योगदान और अपने नियोक्ताओं द्वारा किए गए योगदान दोनों का 100% निकाल सकेंगे।
पहले, ईपीएफ ग्राहकों के लिए धनराशि निकालने के 13 अलग-अलग प्रावधान थे। अब इन्हें सरल बनाकर केवल तीन विकल्पों तक सीमित कर दिया गया है। आवास या अन्य अत्यावश्यक आवश्यकताओं जैसी विशिष्ट परिस्थितियों में ही निकासी की अनुमति है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि शिक्षा, विवाह और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के लिए आसानी से धनराशि निकाली जा सकती है। शिक्षा के लिए, राशि का 10 गुना तक निकाला जा सकता है, जबकि विवाह के लिए राशि का 5 गुना तक निकाला जा सकता है।
किन परिस्थितियों में आप घर खरीदने के लिए पैसे निकाल सकेंगे?
यदि ग्राहक घर खरीदना, बनवाना या ऋण चुकाना चाहते हैं, तो वे पैसे निकाल सकते हैं। प्राकृतिक आपदा या वित्तीय संकट को विशेष परिस्थिति माना जाएगा। इस नियम के तहत 12 महीने की सेवा के बाद आंशिक निकासी की अनुमति है। विशेष परिस्थितियों में निकाली गई राशि पर कोई अतिरिक्त देयता नहीं होगी।
ईपीएफ निकासी
पहले, ग्राहक कर्मचारी के अंशदान का 50% और ब्याज का 100% निकाल सकते थे। हालांकि, अब नियोक्ता का अंशदान और ब्याज दोनों निकाले जा सकते हैं। इसका मतलब है कि ग्राहकों के पास पहले से अधिक धन निकालने का अवसर होगा।
अधिकतम निकासी सीमा क्या है?
ईपीएफ निकासी सीमा कारण पर निर्भर करेगी। ग्राहक अब किसी भी समय अपने धन का 75% तक निकाल सकेंगे। यह बदलाव ईपीएफ सदस्यों को और अधिक राहत प्रदान करने के लिए किया जा रहा है। नौकरी छूटने पर ग्राहक अब अपने धन का 75% तुरंत निकाल सकते हैं। शेष 25% 12 महीने तक बेरोजगार रहने पर निकाला जा सकता है। पहले केवल आंशिक निकासी ही संभव थी।