नई दिल्ली: मध्य पूर्व में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच भीषण संघर्ष चल रहा है। अमेरिका और इज़राइल के कई हमलों के बावजूद ईरान झुकने को तैयार नहीं है। जारी जवाबी हमलों से संकेत मिलता है कि युद्ध लंबे समय तक चल सकता है।
ईरान ने अमेरिका और ईरान के हमलों का लगातार छठे दिन जोरदार जवाब दिया है। ईरान विभिन्न देशों में अमेरिकी हवाई अड्डों को निशाना बना रहा है। इन हमलों और जवाबी हमलों में अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान में मरने वालों की संख्या 1,000 से ज़्यादा हो गई है। रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि इस संघर्ष में छह अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं। बुधवार को इज़राइल ने ईरान पर नए हवाई हमले किए।
ईरान ने इज़राइल पर बड़ा हमला किया
ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इज़राइल पर एक और बड़ा बैलिस्टिक मिसाइल हमला किया। यरुशलम में सायरन बजने लगे और ज़ोरदार धमाके सुनाई दिए। सेना ने कहा कि उसे आने वाले खतरे का पता चल गया था और वह रक्षा प्रणालियों से जवाब दे रही थी। जनता को हमले की सूचना दे दी गई है और अधिकारी स्थिति पर नज़र रख रहे हैं।
6 अमेरिकी सैनिक शहीद
ईरान ने कुवैत में अमेरिकी सैन्य हवाई अड्डे को निशाना बनाया, जिसमें छह सैनिक मारे गए। पेंटागन की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी हमले में मारे गए सैनिकों की पहचान चीफ वारंट ऑफिसर 3 रॉबर्ट मरज़ान (54), सैक्रामेंटो निवासी और मेजर जेफरी ओ’ब्रायन (45), इंडियनोला निवासी के रूप में हुई है। पेंटागन के एक बयान के अनुसार, मरज़ान कुवैत स्थित कमांड सेंटर पर ड्रोन हमले के समय वहीं मौजूद थे और माना जाता है कि उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
ईरान को कल भी हमलों का सामना करना पड़ा
अमेरिका और इज़राइल ने कल उत्तर-पश्चिमी ईरानी शहर बुकान में भी भारी बमबारी की। राज्यपाल भवन सहित कई घरों और व्यावसायिक इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा। ईरान की तसनीम समाचार एजेंसी ने यह जानकारी साझा की।
खामेनेई का निधन
जानकारी के लिए बता दें कि ईरान के सर्वोच्च नेता, अयातुल्ला अली खामेनेई, अमेरिका और इज़राइल के हमलों में मारे गए हैं। उनकी मृत्यु से ईरान में अमेरिका और इज़राइल के खिलाफ व्यापक आक्रोश फैल गया है।