लखपति बिटिया योजना पात्रता: दिल्ली सरकार ने बेटियों की शिक्षा और भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित करने के लिए लखपति बिटिया योजना शुरू की है। लाडली योजना का विस्तार करते हुए, दिल्ली सरकार ने इसे लखपति बिटिया योजना के रूप में लागू किया है। इस योजना का उद्देश्य बेटियों को जन्म से लेकर स्नातक या डिप्लोमा पूरा होने तक उनकी पूरी शिक्षा के दौरान वित्तीय सहायता प्रदान करना है, ताकि उन्हें पैसों की कमी के कारण अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़नी पड़े।
इस योजना के तहत, सरकार बेटियों के खातों में चरणबद्ध तरीके से धनराशि जमा करेगी, जो ब्याज सहित 21 वर्ष की आयु तक पहुँचने तक 1 लाख रुपये से अधिक हो जाएगी। इस योजना को लेकर लोगों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं। इसलिए, आइए जानते हैं कि क्या लखपति बिटिया योजना से दिल्ली में पढ़ने वाली अन्य राज्यों की लड़कियों को भी लाभ मिलेगा और इसके नियम क्या हैं।
क्या अन्य राज्यों की बेटियाँ भी इस योजना से लाभान्वित होंगी?
लखपति बिटिया योजना के नियमों के अनुसार, यह योजना केवल दिल्ली में जन्मी उन लड़कियों के लिए उपलब्ध है जिनके परिवार कम से कम तीन वर्षों से दिल्ली में रह रहे हैं और जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 1.20 लाख रुपये से अधिक नहीं है। इसका अर्थ यह है कि यदि कोई लड़की दिल्ली में पढ़ रही है लेकिन उसका जन्म किसी अन्य राज्य में हुआ है या उसका परिवार दिल्ली का स्थायी निवासी नहीं है, तो वह इस योजना के लिए पात्र नहीं होगी। योजना के अनुसार, प्रति परिवार अधिकतम दो बेटियाँ इस योजना के लिए पात्र हैं। हालांकि, सरकारी या लाइसेंस प्राप्त डे केयर सेंटरों में रहने वाली बेटियों के लिए कुछ शर्तों में छूट दी गई है।
लखपति योजना के तहत कितनी धनराशि उपलब्ध है?
लखपति बिटिया योजना के तहत, सरकार बेटियों के आधार से जुड़े खातों में चरणबद्ध तरीके से धनराशि जमा करेगी। जन्म के समय 11,000 रुपये जमा किए जाएंगे। कक्षा 1, 6, 9, 10 और 12 उत्तीर्ण करने पर 5,000 रुपये प्रत्येक जमा किए जाएंगे। स्नातक या डिप्लोमा पूरा करने पर अतिरिक्त 20,000 रुपये प्रदान किए जाएंगे। कुल मिलाकर, सरकार बेटियों के खातों में लगभग 56,000 रुपये जमा करेगी, जो ब्याज सहित 21 वर्ष की आयु तक 1 लाख रुपये से अधिक हो जाएंगे। यह राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे बेटियों के खातों में हस्तांतरित की जाएगी।
योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
लखपति बिटिया योजना के लिए आवेदन 1 अप्रैल, 2026 से शुरू होंगे। दिल्ली के ई-जिला पोर्टल पर पंजीकरण आवश्यक होगा। आवेदन के लिए जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, दिल्ली निवास प्रमाण पत्र और बैंक खाता विवरण आवश्यक हैं।