20 लाख रुपये तक की संपत्तियों के लिए पैन कार्ड अनिवार्य नहीं हो सकता है

Saroj kanwar
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पैन कार्ड अपडेट: कुछ लोगों के लिए बड़ी राहत। आयकर विभाग ने नई आयकर प्रणाली के तहत आयकर नियमों का मसौदा जारी कर दिया है। इसमें संपत्ति की खरीद-बिक्री से जुड़े लेन-देन के लिए पैन कार्ड की अनिवार्यता में महत्वपूर्ण बदलाव प्रस्तावित हैं।

नया नियम क्या है?
अब तक, 10 लाख रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति (घर या प्लॉट) की खरीद-बिक्री के लिए पैन कार्ड अनिवार्य था। सरकार ने अब इस सीमा को बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने का प्रस्ताव दिया है। यदि यह नियम लागू होता है, तो 20 लाख रुपये से कम मूल्य की संपत्ति के लेन-देन के लिए पैन कार्ड अनिवार्य नहीं रहेगा। हालांकि, 20 लाख रुपये या उससे अधिक मूल्य की संपत्तियों के लिए पैन कार्ड अनिवार्य बना रहेगा।

उपहार और संयुक्त विकास सौदे भी इसके दायरे में आएंगे।
नए मसौदे में कहा गया है कि अब न केवल खरीद-बिक्री, बल्कि संपत्ति से संबंधित कुछ अन्य लेन-देन भी पैन के दायरे में आएंगे, जैसे कि संपत्ति उपहार में देना और संयुक्त विकास समझौते। हालांकि, इन लेन-देनों पर 20 लाख रुपये की सीमा अभी भी लागू रहेगी।

यह सीमा क्यों बढ़ाई गई?
कर विशेषज्ञों का मानना ​​है कि मौजूदा रियल एस्टेट बाजार के लिए 10 लाख रुपये की पुरानी सीमा बहुत कम थी। आज शहरों में छोटी संपत्तियों की कीमत भी अक्सर 10 लाख रुपये से अधिक होती है, जिससे छोटे खरीदारों को भी रिपोर्टिंग की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बदलाव छोटे शहरों और कम लागत वाले बाजारों में संपत्ति खरीदारों को बड़ी राहत देगा और उनके कागजी काम को कम करेगा।

क्या नहीं बदला है?
नए प्रस्ताव में बड़े लेन-देनों को ट्रैक करने की प्रणाली पहले जैसी ही रहेगी। 20 लाख रुपये या उससे अधिक मूल्य के प्रत्येक संपत्ति लेन-देन के लिए पैन देना अनिवार्य होगा। इससे कर विभाग को बड़े संपत्ति लेन-देनों को ट्रैक करने और खरीदार की आय से उनका मिलान करने में आसानी होगी। ये नियम फिलहाल मसौदा रूप में हैं। सरकार ने जनता और हितधारकों से सुझाव मांगे हैं। इन सुझावों की समीक्षा के बाद ही अंतिम नियम लागू किए जाएंगे।

कंपनियों के लिए पैन आवेदन प्रक्रिया सख्त की गई
समझौते के प्रस्ताव में कंपनियों के लिए पैन आवेदन प्रक्रिया को भी सख्त किया गया है। अब आवेदन के समय यह घोषणा करना अनिवार्य होगा कि कंपनी के पास पहले से पैन नहीं है। पैन के दोहराव से बचने के लिए शाखाओं और परियोजना कार्यालयों में आंतरिक जांच आवश्यक होगी।

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