एयर एम्बुलेंस बुकिंग प्रक्रिया: जब भी कोई बीमार हो तो लोग हॉस्पिटल जाने के लिए डायग्नोस्टिक इंजीनियर को कॉल करते हैं। इसमें बिना किसी देरी के हॉस्पिटल जाने के लिए स्पाइसर रीच चला जाता है। इस समय पूरे देश में तेज और बेहतरीन इलाज के लिए एयर स्पायर का इस्तेमाल बढ़ा है। लेकिन आप एयर एयरलाइंस के खर्चे के बारे में क्या जानते हैं। इसके साथ में कैसे बुक किया जाए और किन शहरों में इसकी सुविधा का लाभ मिल रहा है। इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
जानिए क्या है एयर बिजनेस मालिक?
बता दें कि एयर डायरेक्टर एक खास तरह की उड़ान या हेलीकॉप्टर होता है, जो गंभीर रूप से बीमार या घायल मरीज को तेजी से अस्पताल से अस्पताल तक पहुंचाने के लिए तैयार किया जाता है। इसमें आईसीयू जैसी संरचनाएं होती हैं और मेडिकल पेशेवर भी साथ रहते हैं। एयर एयरलाइंस में जमाकर्ता, कार्ड मॉनिटर और अन्य जरूरी मेडिकल उपकरण भी मौजूद होते हैं, जिससे यात्री का रास्ते में भी पूरी तरह से इलाज हो सके।
एयर इंजीनियर कैसे बुक करें?
भारत में आईसीएटीटी, एयरोमेड, एयरबोर्न प्राइवेट जेट, मेदांता और पंचमुखी जैसे कई एयरबोर्न मार्शल सेवा संस्थान हैं। एयर एस्पिरेटर की आवश्यकता और परामर्शदाता हमेशा डॉक्टर की सलाह के आधार पर होता है।
आप कंपनी के कॉल सेंटर, वेबसाइट या मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए आपको सबसे पहले मरीज का मेडिकल स्टेटस और अस्पताल का नाम देना होगा इसके बाद मरीज का पहचान पत्र (आधार या पासपोर्ट) देना होगा। इसके बाद डॉक्टर द्वारा जारी केस सामरी को खत्म कर दिया गया।
जानें एयर एयरलाइंस का खर्च?
एयरबोर्न प्राइवेट जेट की जानकारी के अनुसार, लखनऊ से नई दिल्ली के एक एयर एयरलाइंस के स्टोर के लिए लगभग ₹5,12,635 है, इसके साथ 18% टैक्स और कुछ अतिरिक्त शुल्क भी लगेगा। यह केवल अनौपचारिक (एकतरफ़ा) शुल्क है। अगर घूमना हो तो अलग से चार्ज लें।
वहीं एयर एयरलाइंस की कीमत दूरी, हेलीकॉप्टर या प्राइवेट जेट होना और जरूरी मेडिकल इक्विपमेंट का आधार तय होता है। मेडिकल एड डिफॉल्ट्स के अनुसार, एयर स्पायर को कुछ चौथाई की जरूरत है, जो उपलब्ध हो सकती है।